Куҷост фитна ки он шӯхро савор кунад

کجاست فتنه که آن شوخ را سوار کند

Замонаро гули ошӯб дар канор кунад

زمانه را گل آشوب در کنار کند

Гуноҳи кораму дардо ки нест он иззат

گناه کارم و دردا که نیست آن عزت

Ки инфеъол ба афвам умедвор кунад

که انفعال به عفوم امیدوار کند

Барои он ки далераш кунад ба хӯни резӣ

برای آن که دلیرش کند به خون ریزی

Замонаи шавқи туро моил шикор кунад

زمانه شوق تو را مایل شکار کند

Ба нола нарм бисозам дилат , аз он тарсам

به ناله نرم بسازم دلت ، از آن ترسم

Ки нолаи дгарӣ дар дили ту кор кунад

که نالهٔ دگری در دل تو کار کند

Хуши он ки пеши ту пурсанади ҳоли урфӣ ро

خوش آن که پیش تو پرسند حال عرفی را

Шикоятӣ ба кноити з рӯзгор кунад

شکایتی به کنایت ز روزگار کند