Дорам зи захми ғамза ӯ лиззатӣ ки буд
دارم ز زخم غمزهٔ او لذتی که بود
Аммо намонад ҷони марои тоқатӣ ки буд
اما نماند جان مرا طاقتی که بود
Акнӯн наме тавон талаби ним ишва кард
اکنون نمی توان طلب نیم عشوه کرد
Дардам бибин ки нест марои ҷуръатӣ ки буд
دردم ببین که نیست مرا جراتی که بود
Ҳурмони зи ҳади гузашт вале чеҳраи ниёз
حرمان ز حد گذشت ولی چهرهٔ نیاز
Дорад бар остони ҳарами ниятӣ ки буд
دارد بر آستان حرم نیتی که بود
Аз диданат намардум ва нодиднм бикушт
از دیدنت نمردم و نادیدنم بکشت
Дардо ки дорам аз ту ҳамон хиҷлатӣ ки буд
دردا که دارم از تو همان خجلتی که بود
Бе баҳраи куштагони ту ман баъди азон ки барад
بی بهره کشتگان تو مِن بعد ازآن که برد
Коми шаҳиди нози ту ҳар лиззатӣ ки буд
کام شهید ناز تو هر لذتی که بود
Урфӣ ба саҷдаи санами афзуди рағбатам
عرفی به سجدهٔ صنم افزود رغبتم
Яъне зиёдаи гашти марои тоъатӣ ки буд
یعنی زیاده گشت مرا طاعتی که بود