Гушӯд зулфи мънбри шимол , то чаҳ кунад

گشود زلف معنبر شمال، تا چه کند

Наҳуфтаи чеҳраи ошиқи хаёл , то чаҳ кунад

نهفته چهرهٔ عاشق خیال، تا چه کند

Ба як ду рӯзаи висолаш , замона хӯнам хӯрд

به یک دو روزه وصالش، زمانه خونم خورد

Ҳануз душмании моҳу сол , то чаҳ кунад

هنوز دشمنی ماه و سال، تا چه کند

Ба сад киришмаи марои сӯхт то хаташ надамид

به صد کرشمه مرا سوخت تا خطش ندمید

Ҳануз кашмакаши хату хол , то чаҳ кунад

هنوز کشمکش خط و خال، تا چه کند

Шароби ҳозиру шамшеру тӯли умр

شراب حاضر و شمشیر و طول عمر

Пас ду ҷом дигар ин малол , то чаҳ кунад

پس دو جام دگر این ملال، تا چه کند

Маҷоли ҳарф супориш набӯду булбул буд

مجال حرف سپارش نبود و بلبل بود

Кунун ки ёфта урфии маҷол , то чаҳ кунад

کنون که یافته عرفی مجال، تا چه کند