Манам ки баҳри дили асбоби доғ май дуздам

منم که بهر دل اسباب داغ می دزدم

Насими гулшани ғам дар димоғ май дуздам

نسیم گلشن غم در دماغ می دزدم

Дамӣ ки бар нафаси аҳли дард май ҷӯшам

دمی که بر نفس اهل درد می جوشم

Ҳазор шуъла аз дӯди чароғ май дуздам

هزار شعله از دود چراغ می دزدم

зи баҳри он ки чаконам ба коми ташнаи лабон

ز بهر آن که چکانم به کام تشنه لبان

Ба остини намаку хӯни доғ май дуздам

به آستین نمک و خون داغ می دزدم

Дигар ба водии эмини расм вагар на ки ман

دگر به وادی ایمن رسم وگر نه که من

зи гирди бодияи кӯҳли суроғ май дуздам

ز گرد بادیه کحل سراغ می دزدم

Ним зи фасли хазони урфӣ аз чаман бе файз

نیم ز فصل خزان عرفی از چمن بی فیض

Таронаи зи навоҳои зоғ май дуздам

ترانهٔ ز نواهای زاغ می دزدم