Аз он зи бодаи шавқи ту ҳуши ҷони дуздам
از آن ز بادهٔ شوق تو هوش جان دزدم
Ки лиззати ғамат аз ӯ ниҳони дуздам
که لذت غمت از او نهان دزدم
Ту гарми ронӣу сӯзам ки чун рисӣ бар ман
تو گرم رانی و سوزم که چون رسی بر من
Чигуна шеваи гармӣ аз он Аннани дуздам
چگونه شیوهٔ گرمی از آن عنان دزدم
Хуши он висол ки ҳар дами ҳаловати нигаҳат
خوش آن وصال که هر دم حلاوت نگهت
Дил аз нигоҳу зи дили ҷон ва ман аз ҷони дуздам
دل از نگاه و ز دل جان و من از جان دزدم
Ба ҷавр то кунам ӯро далер ме хоҳам
به جور تا کنم او را دلیر می خواهم
Ки фош гӯяму пинҳони асар аз ани дуздам
که فاش گویم و پنهان اثر از ان دزدم
Ба ҷурми ишқи ту фардо ба дӯзах ар фикананд
به جرم عشق تو فردا به دوزخ ار فکنند
Тамоми оташи дӯзах дар устихони дуздам
تمام آتش دوزخ در استخوان دزدم
Хуши он ки ёр ба ман бад гумон шавад , урфӣ
خوش آن که یار به من بد گمان شود، عرفی
Ки лиззати ситам аз захми имтиҳони дуздам
که لذت ستم از زخم امتحان دزدم