Бар сабза чу чашми абр наврӯз гирист
بر سبزه چو چشم ابر نوروز گریست
Бе васли рухи ёр намешояд зист
بی وصل رخ یار نمی شاید زیست
Шуд лолаи зхоки дигарон маҷлиси мо
شد لاله زخاک دیگران مجلس ما
То сабзаи гӯри мо тмошогаҳ кист
تا سبزهٔ گور ما تماشاگه کیست