То дили андари печи он зулф ба тоби андохтам

تا دل اندر پیچ آن زلف به تاب انداختم

Ҷони худ дар оташу тан дар азоби андохтам

جان خود در آتش و تن در عذاب انداختم

Худ замонӣ нест пеши дидаи ман роҳи хоб

خود زمانی نیست پیش دیدهٔ من راه خواب

Бас ки ин тӯфони хӯн дар роҳи хоби андохтам

بس که این توفان خون در راه خواب انداختم

То напиндорӣ ки дидам то бирафтӣ рӯй моҳ

تا نپنداری که دیدم تا برفتی روی ماه

ё ба меҳри дили назар бар офтоби андохтам

یا به مهر دل نظر بر آفتاب انداختم

Аз шитоби умр май тарсади дили ман , хеш ро

از شتاب عمر می‌ترسد دل من، خویش را

Зон биҷусту ҷӯии васли андари шитоби андохтам

زان بجست و جوی وصل اندر شتاب انداختم

Буд худ дар ишқи ту ҳам синаи ришу дили кабоб

بود خود در عشق تو هم سینه ریش و دل کباب

Дигар аз ҳиҷрати намакҳо бар кабоби андохтам

دیگر از هجرت نمکها بر کباب انداختم

Шукр кардам то дар оташ дидам ин дилро чунин

شکر کردم تا در آتش دیدم این دل را چنین

Зонка май пиндоштами кини дил ба оби андохтам

زانکه می‌پنداشتم کین دل به آب انداختم

Чун на марди он даҳонам , бо лаби ширини ту

چون نه مرد آن دهانم، با لب شیرین تو

Авҳадиро дар савол ва дар ҷавоби андохтам

اوحدی را در سؤال و در جواب انداختم