Миъроҷи мо ба рӯҳу равон буд субҳи дам

معراج ما به روح و روان بود صبح دم

Дидори мо ба дидаи ҷон буд субҳи дам

دیدار ما به دیدهٔ جان بود صبح دم

Он длФрўз парда барандохт ҳамчуи рӯз

آن دلفروز پرده برانداخت همچو روز

Аз чашми ғайр агарчӣ ниҳон буд субҳи дам

از چشم غیر اگرچه نهان بود صبح دم

Чун Фкртми зи анфусу офоқ дар гузашт

چون فکرتم ز انفس و آفاق در گذشت

Парвози ман буруни зи ҷаҳон буд субҳи дам

پرواز من برون ز جهان بود صبح‌دم

Бо Ҷабраили ақли равонам , ки шоди бод ,

با جبرئیل عقل روانم، که شاد باد،

Аз рФрФи димоғи равон буд субҳи дам

از رفرف دماغ روان بود صبح دم

Ҷое расед фикрам ва бигузашт , кндрў

جایی رسید فکرم و بگذشت، کندرو

Рӯҳ алқудс кашида Аннан буд субҳи дам

روح‌القدس کشیده عنان بود صبح دم

Тоўси ҷонам аз ҳаваси миннатҳои васл

طاوس جانم از هوس منتهای وصل

Бар шохи сидраи ҷилваи кунон буд субҳи дам

بر شاخ سدره جلوه کنان بود صبح دم

Дарёфтам зи қурби маконеу манзилӣ

دریافتم ز قرب مکانی و منزلی

Кони ҷонаи манзил ва на макон буд субҳи дам

کان جانه منزل و نه مکان بود صبح دم

Андешҳо ки ваҳм ҳросндаҳ карда буд

اندیشها که وهم هراسنده کرده بود

Бо шавқи гуфтанам на чунон буд субҳи дам

با شوق گفتنم نه چنان بود صبح‌دم

Ва он судҳо ки нафаси ҳаваси пеша ҷамъ дошт

و آن سودها که نفس هوس پیشه جمع داشت

Дар кӯии ишқи ҷумлаи зиён буд субҳи дам

در کوی عشق جمله زیان بود صبح دم

ӯ худ санои худ ба худӣ гуфт : коўҳдӣ

او خود ثنای خود به خودی گفت: کاوحدی

Аз васф ҳол кунад забон буд субҳи дам

از وصف حال کند زبان بود صبح‌دم