Накӯёнро вафо ойин писанданд
شوخی که آشنا بکسی غیر ما نبود
Вафо кун каз накӯён ин писанданд
بیگانه شد چنانکه مگر آشنا نبود
зи ман тоқати зи ту тамкин писанданд
بودم بسان سایه اش آن روز در قفا
зи ошиқи он зи маъшӯқ ин писанданд
کان روز غیر سایه کسش در قفا نبود
Ҷафо кам кун ки на хубаст хубон
هرجا که بیندم نکند لحظه ای قرار
Ҷафо бар ошиқон чандин писанданд
بی من قرارش آن که دمی هیچ جا نبود
Писандигар ту ҷавру кин аҷаб нест
شد بی وفا به طالع من ورنه یار من
Накӯёни ону хубон ин писанданд
تا یار غیر بود چنین بی وفا نبود
Ба хӯн оғишта кун хокам ки дар ҳашар
جز درد من که هیچ طبیبش دوا نداشت
Шаҳидонро ба ин ойин писанданд
درد دگر نبود که او را دوا نبود
Ба хӯнами даст рангин кун ки ушшоқ
بیماری فراق نسنجید و درد رشک
Бхўни даст батон рангин писанданд
ایوب در بلا که منم مبتلا نبود
Бичин гар бигузарӣ лаъибати писандон
رفت از درش رفیق ز بیداد غیر و یار
Аҷабгар лаъибатон чин писанданд
در کوی من نگفت کسی بود یا نبود