Ҳайф аз ту эй парӣ ки шӯии ёр бо рақиб
حیف از تو ای پری که شوی یار با رقیب
ӯ дев ва ту парии ту куҷоу куҷои рақиб
او دیو و تو پری تو کجا و کجا رقیب
Дайри ошнои ман зи ту дар ҳайратам ки чун
دیر آشنای من ز تو در حیرتم که چون
Шуд зуди ошно ба ту , дайри ошнои рақиб
شد زود آشنا به تو، دیر آشنا رقیب
То кӣ рақибро нагарм бо ту кошкӣ
تا کی رقیب را نگرم با تو کاشکی
ё ман шавам зи кӯии ту овора ё рақиб
یا من شوم ز کوی تو آواره یا رقیب
Ҳар чанд ишқи ёри блоӣисти ҷонгдоз
هر چند عشق یار بلائیست جانگداز
Ёрб ба ин бало нашавад мубталои рақиб
یارب به این بلا نشود مبتلا رقیب
Гардад рақиб нест илоҳӣ , ки иззатӣ
گردد رقیب نیست الهی، که عزتی
Дар пеш ёр нест маро ҳаст то рақиб
در پیش یار نیست مرا هست تا رقیب
Аз бахти бад агар барраии брхўрм ба ёр
از بخت بد اگر برهی برخورم به یار
Бошад зи пеши ғайр ва буд бар қафои рақиб
باشد ز پیش غیر و بود بر قفا رقیب
Ин қатл дигараст ки қатли марои рафиқ
این قتل دیگر است که قتل مرا رفیق
Дорад равои ҳабиб ва надорад равои рақиб
دارد روا حبیب و ندارد روا رقیب