Агар равад сари ман чун ҳубоб бар сар май

ز می نام و نشان تا هست باقی

намеравад зи сари ман ҳавои соғар май

من و میخانه و مینا و ساقی

Туу биҳишт ва ман ва майкада бирав зоҳид

خوشست از دست خوبان صفاهان

Туростгар мекавсар марост кавсар май

می شیرازی و رطل عراقی

Ман он ҳарифи самандари табиатам ки маро

علاج تلخکامان چون ندارند

Димоғ тар нашавад ҷуз ба оташтар май

نکورویان به این شیرین مذاقی

Чаҳ ғами зи гардиши меҳру муҳим ба майхона

به غیر من ترا مهر و وفا چند

Ҳилоли ҷом буд то ба даври ахтар май

بود آن دایمی این اتفاقی

зи ҷоми ҷам агар об Хизр диҳанд маро

چو در کوی توام ره نیست گردد

Ки ин ба ҷой майаст он ба ҷои соғар май

میسر با توام چون هم وثاقی

На ҷоми ҷам ба бар ман буд муқобили ҷом

رفیق از فرقت جانان ازین پس

На оби Хизр буд пеши ман баробар май

نگوید جز غزل‌های فراقی