Наме хоҳии дилам чун шод [ ва ] май хоҳӣ ғамин бошад

هر که یک لحظه حدیث غم من گوش کند

Набошад ончунон ёрб илоҳӣ инчунин бошад

هر حدیثی که شنیده است فراموش کند

Барам ҷаврат ки бурдани ҷаври некӯён буд некӯ

که درآرد به نظر سرو چمن را دیگر

Кашами нозат ки нози нозанинон нозанин бошад

هر که نظاره ی آن سرو قباپوش کند

Гар аз даст ту бошад захм бошад беҳтар аз марҳам

تا به کی دردسر عقل کنم ساقی کو

Вар аз ҷом ту бошад шаҳди хуштар з ангабин бошад

که به یک جرعه مرا بی خود و مدهوش کند

Қадии дорӣу рухсорӣ ки чун рухсору қади ту

یادش آید من خون جگر نوش ای کاش

На моҳӣ бар фалаки тобад на сарвӣ бар замин бошад

در بر غیر چو بنشیند و می نوش کند

Туу андеша ӣ ин рӯзу шаб каз ҳиҷру васли ту

تا به کی از توام آغوش تهی باشد و غیر

Дили ағёри шоду ҷони ман андӯҳгин бошад

با تو ای سرو روان دست در آغوش کند

Ману шому саҳари ин фикри коёи ин замон бо ӯ

ناصحا منع من از عشق مکن کاین دم سرد

Ки ёрб ҳам забон гардад ки оё ҳамнишин бошад

آتش من نه چراغیست که خاموش کند

Набӯдигар ғарази маҳрӯмии ошиқи накӯён ро

دوش گفتا نکنم از تو فراموش مباد

Чаҳ боистӣ ки тани симин буд , дил оҳанӣн бошад

که فراموش رفیق آن سخن دوش کند