Пилос тан ба бар , аз дасти ғам қабо кардам
پلاس تن به بر، از دست غم قبا کردم
Ба ин либоси буриши арз муддао кардам
به این لباس برش عرض مدعا کردم
Намонад ҳоҷати каси норавои нмидонм
نماند حاجت کس ناروا نمیدانم
Ки гуфт ё раб ё раб ки ман дуо кардам
که گفت یا رب یا رب که من دعا کردم
Ҳазор ҳайф ндонӣ ки давр аз ту бмн
هزار حیف ندانی که دور از تو بمن
Чҳо гузашт ва чҳо дидам ва чҳо кардам
چها گذشت و چها دیدم و چها کردم
Набӯд ғайри камолати баҳр чаҳ кардам гӯш
نبود غیر کمالت بهر چه کردم گوش
Маи ҷамол ту дидам чу чашм во кардам
مه جمال تو دیدم چو چشم وا کردم
Ҷаҳони зи ҳарфи ту пар буд то бидам хомӯш
جهان ز حرف تو پر بود تا بدم خاموش
Бурӣдаи боди забонами сухан чаро кардам
بریده باد زبانم سخن چرا کردم
Ба иттифоқи разии омадам ба тўФ дарат
به اتفاق رضی آمدم به طوف درت
Туро надидам онҷо ва Карбало кардам
تو را ندیدم آنجا و کربلا کردم