эй писари дилрабои ваии қамари дилпазир
ای پسر دلربا وی قمر دلپذیر
Аз ҳама бошад гурези ваз ту набошад гзир
از همه باشد گریز وز تو نباشد گزیر
То ту мусаввир шудӣ дар дили яктои ман
تا تو مصور شدی در دل یکتای من
Ҷой тасаввур намонад дигарами андари замир
جای تصور نماند دیگرم اندر ضمیر
Айб кунандам ки чанд дар паии хубон рӯй
عیب کنندم که چند در پی خوبان روی
Чун наравад бандаи вор ҳар ки барандаш асир
چون نرود بندهوار هر که برندش اسیر
Бастаи занҷири зулфи зуди наёбади халос
بسته زنجیر زلف زود نیابد خلاص
Дайр барояд ба ҷаҳд ҳар ки фурӯ шуд ба қӣр
دیر برآید به جهد هر که فرو شد به قیر
Чун ту бутӣ бугзарад сарвқади сими соқ
چون تو بتی بگذرد سروقد سیمساق
Ҳар ки дар ӯ нанигарад мурда буд ё зрир
هر که در او ننگرد مرده بود یا ضریر
Гар набарам ноз дӯст кист ки монанд ӯст
گر نبرم ناز دوست کیست که مانند اوست
Кибр кунад бехилоф ҳар ки буд бе назир
کبر کند بیخلاف هر که بود بینظیر
Қомати зебои сарв кин ҳама васфаш кунанд
قامت زیبای سرو کاین همه وصفش کنند
Ҳаст ба сӯрати баланд лек ба маънии қсир
هست به صورت بلند لیک به معنی قصیر
Ҳар ки талабкор туаст рӯй нтобад зи теғ
هر که طلبکار توست روی نتابد ز تیغ
Ваон ки ҳаводор туаст бознагардад ба тир
وان که هوادار توست بازنگردد به تیر
Бӯсаи даҳуми бандаи вор бар қидмати вари серум
بوسه دهم بندهوار بر قدمت ور سرم
Дар сар ин меравад бесару поеи мгир
در سر این میرود بیسر و پایی مگیر
Саъдӣ агар хӯну мол сарф шавад дар висол
سعدی اگر خون و مال صرف شود در وصال
Онат мақомии бузурги инат баҳои ҳақир
آنت مقامی بزرگ اینت بهایی حقیر
Гар ту зи мо фориғии вази ҳамаи кас бе ниёз
گر تو ز ما فارغی وز همه کس بی نیاز
Мо ба ту мстзҳрими вази ҳамаи олами фақир
ما به تو مستظهریم وز همه عالم فقیر