эй срўболои сеӣ каз сӯрати ҳоли огаҳӣ
ای سروبالایِ سهی، کز صورت حال آگهی
Ваз ҳар ки дар олам баӣ мо низ ҳам бад нестем
وز هر که در عالم بهی، ما نیز هم بد نیستیم
Гуфтӣ ба ранги ман гулӣ ҳаргиз набинад булбулӣ
گفتی «به رنگ من گلی، هرگز نبیند بلبلی»
Оре накӯ гуфтӣ вале мо низ ҳам бад нестем
آری نکو گفتی ولی، ما نیز هم بد نیستیم
То чанд гӯйии моу бас кӯтаҳ кун эй раъноу бас
تا چند گویی «ما و بس»؟ کوته کن ای رعنا و بس
На худ туе зебоу баси мо низ ҳам бад нестем
نه خود تویی زیبا و بس، ما نیز هم بد نیستیم
эй шоҳид ҳар маҷлисӣу ороми ҷон ҳар касе
ای شاهد هر مجلسی! وآرام جانِ هر کسی!
Гар дӯстони дории басии мо низ ҳам бад нестем
گر دوستان داری بسی، ما نیز هم بد نیستیم
Гуфтӣ ки чун ман дар замӣ дигар набошад одамӣ
گفتی که «چون من در زمی، دیگر نباشد آدمی»
эй ҷони лутфу мардумии мо низ ҳам бад нестем
ای جان لطف و مردمی! ما نیز هم بد نیستیم
Гар гулшани хуши бӯи туе вари булбули хўшгўи туе
گر گلشن خوشبو تویی، ور بلبل خوشگو تویی
Вар дар ҷаҳони некӯи туе мо низ ҳам бад нестем
ور در جهان نیکو تویی، ما نیز هم بد نیستیم
Гӯйӣ чаҳ шуд кони срўбн бо мо намегуяд сухан
گویی «چه شد کآن سروبن، با ما نمیگوید سخُن؟»
Гӯ бевафое пар макун мо низ ҳам бад нестем
گو «بیوفایی پر مکن»، ما نیز هم بد نیستیم
Гар ту ба ҳасани афсонае ё гавҳари як дона Эй
گر تو به حسن افسانهای، یا گوهر یک دانهای
Аз мо чаро бегонае мо низ ҳам бад нестем
از ما چرا بیگانهای؟ ما نیز هم بد نیستیم
эй дар дили мо доғи ту то кӣ фиребу лоғи ту
ای در دلِ ما داغ تو! تا کی فریب و لاغ تو؟
Гар ба буд дар боғи ту мо низ ҳам бад нестем
گر به بود در باغِ تو، ما نیز هم بد نیستیم
Бории ғурур аз сари бунау инсофи дард ман бидиҳ
باری غرور از سر بنه، وانصاف دردِ من بده
эй боғи шафтолу ва ба мо низ ҳам бад нестем
ای باغ شفتالو و به! ما نیز هم بد نیستیم
Гуфтам ту моро дидае вази ҳоли мо пурсида Эй
گفتم «تو ما را دیدهای، وز حال ما پرسیدهای»
Пас чун зи мо ранҷидае мо низ ҳам бад нестем
پس چون ز ما رنجیدهای، ما نیز هم بد نیستیم
Гуфтӣ ба аз ман дар чгл сӯрат набандад обу гул
گفتی «به از من در چگل، صورت نبندد آب و گل»
эй сусти меҳри сахти дили мо низ ҳам бад нестем
ای سستمهر سختدل! ما نیز هم بد نیستیم
Саъдигар он зибоқрин багазед бар мо ҳамнишин
سعدی گر آن زیباقرین، بگزید بر ما همنشین
Гӯ ҳар ки хоҳӣ баргузин мо низ ҳам бад нестем
گو «هر که خواهی برگزین»، ما نیز هم بد نیستیم