Ба ҳеҷ вақте агар номи кеҳтарони шимурӣ
به هیچ وقتی اگر نام کهتران شمری
Мароу номи марои андари он шумори шимур
مرا و نام مرا اندر آن شمار شمر
Дар он табор ки як тани мухолифи ту буд
در آن تبار که یک تن مخالف تو بود
зи рӯзгори баборад бар он табори табар
ز روزگار ببارد بر آن تبار تبر
Қимор кард қамар бо мнозъи ту ба ғам
قمار کرد قمر با منازع تو به غم
Супурди умри мнозъ дар он қимори қамар
سپرد عمر منازع در آن قمار قمر
Бухори ғами зи серум бар давиди зоби ду чашм
بخار غم ز سرم بر دوید زآب دو چشم
Яке маро ба бузургӣ аз ин бухори бихар
یکی مرا به بزرگی از این بخار بخر
Агар зи чашми ту хўшнўдиӣ шикор кунам
اگر ز چشم تو خوشنودیی شکار کنم
зи ҷоми заҳр буд мари марои шикори шукр
ز جام زهر بود مر مرا شکار شکر
Чаро ҳамеша ба ҷурму ?хитои ман нигарӣ
چرا همیشه به جرم و خطای من نگری
Ба фазли хеш бар ин узр чуннигор нигар
به فضل خویش بر این عذر چون نگار نگر
Дарид пардаи ман пештари мадори фалак
درید پرده من پیشتر مدار فلک
Ту низ боқии парда бар ин мадори мдр
تو نیز باقی پرده بر این مدار مدر