зи хат сабз шавад беш лаъли дилбари соф
ز خط سبز شود بیش لعل دلبر صاف
Ҳануз аз пар тӯтӣ нагашта шукри соф
هنوز از پر طوطی نگشته شکر صاف
Аҷаб ки ҳасан гузорад асари зи ман боқӣ
عجب که حسن گذارد اثر ز من باقی
Ки мекунам ба каттони моҳтоби анвари соф
که می کنم به کتان ماهتاب انور صاف
Дил ту нест пазирои оҳи ман , варна
دل تو نیست پذیرای آه من، ورنه
зи санг май ҷаҳди ин новаки сбкпри соф
ز سنگ می جهد این ناوک سبکپر صاف
Назокат ту кунад сФл аз наботи бурун
نزاکت تو کند ثفل از نبات برون
Вагарна кардаам ин қандро мукаррари соф
وگرنه کرده ام این قند را مکرر صاف
Чу оби Хизри зи хати ғӯта дар сиёҳӣ зад
چو آب خضر ز خط غوطه در سیاهی زد
Рухӣ ки буд чу ойӣнаи Сикандари соф
رخی که بود چو آیینه سکندر صاف
Қадам бурун манеҳ аз ҳади худ ки ме гардад
قدم برون منه از حد خود که می گردد
зи ормидгии хеши оби гавҳари соф
ز آرمیدگی خویش آب گوهر صاف
Макун зи тирагии бахти шиква чун хомон
مکن ز تیرگی بخت شکوه چون خامان
Ки дар ҳимоят хокистараст ахгари соф
که در حمایت خاکسترست اخگر صاف
Хушам чу нофаи хунини ҷигар ба хирқаи фақр
خوشم چو نافه خونین جگر به خرقه فقر
Ки мешавад з намад ба шароби аҳмари соф
که می شود ز نمد به شراب احمر صاف
Агар ба оинаи дил соф мекунад зангӣ
اگر به آینه دل صاف می کند زنگی
Умед ҳаст шавад чарх бо ҳнрўри соф
امید هست شود چرخ با هنرور صاف
зи об , оинаи тори тира тар гардад
ز آب، آینه تار تیره تر گردد
Куҷои з бода шавад хотири мукаддари соф ?
کجا ز باده شود خاطر مکدر صاف ؟
зи дил ба ҷом ҳилолӣ барор решаи ғам
ز دل به جام هلالی برآر ریشه غم
Ки сайқали оинаро мекунад зи ҷавҳари соф
که صیقل آینه را می کند ز جوهر صاف
Кунанд оинаи воби сулҳ агар бо ҳам
کنند آینه وآب صلح اگر با هم
Ба Хизр низ шавад синаи Сикандари соф
به خضر نیز شود سینه سکندر صاف
зи хокмоли ҳаводиси мтоби рӯи соиб
ز خاکمال حوادث متاب رو صائب
Ки аз ғубор ятемӣаст оби гавҳари соф
که از غبار یتیمی است آب گوهر صاف