Ёди айёмӣ ки дар дили хори хории доштам
یاد ایامی که در دل خار خاری داشتم
Дар ҷигар чун лолаи доғи глъзории доштам
در جگر چون لاله داغ گلعذاری داشتم
Аз тиҳии пое ба ҳар саҳро ки роҳам ме фитод
از تهی پایی به هر صحرا که راهم می فتاد
Аз сар ҳар хори умеди баҳории доштам
از سر هر خار امید بهاری داشتم
Сикка фармонравойӣ дошт рӯй чун зарам
سکه فرمانروایی داشت روی چون زرم
Дар канори хеш то симини изории доштам
در کنار خویش تا سیمین عذاری داشتم
Майли чашми ғайр буд он рӯзи мади айши ман
میل چشم غیر بود آن روز مد عیش من
Каз ду чашмаши мастии дунболаи дории доштам
کز دو چشمش مستی دنباله داری داشتم
Сабзаи умеди ман он рӯз чун хати тоза буд
سبزه امید من آن روز چون خط تازه بود
Каз лаби лаълаши шароб бе хумории доштам
کز لب لعلش شراب بی خماری داشتم
Ъушрат рӯй замин дар дили марои он рӯз буд
عشرت روی زمین در دل مرا آن روز بود
Каз хати райҳон ӯ бар дили ғубории доштам
کز خط ریحان او بر دل غباری داشتم
Хирмани гул буд кӯҳи бесутун дар дида ам
خرمن گل بود کوه بیستون در دیده ام
Дар назар то ҷилваи гулгуни савории доштам
در نظر تا جلوه گلگون سواری داشتم
Глъзорон май рабудандами зи дасти икдгр
گلعذاران می ربودندم ز دست یکدگر
То чу шабнами дидаи шаби зиндаи дории доштам
تا چو شبنم دیده شب زنده داری داشتم
Наъли барги айш чун барги хазон дар оташ аст
نعل برگ عیش چون برگ خزان در آتش است
Варна ман ҳам пеши азин боғу баҳории доштам
ورنه من هم پیش ازین باغ و بهاری داشتم
Шуд ба кӯрии харҷ рӯй сахти ин оҳани дилон
شد به کوری خرج روی سخت این آهن دلان
Дар дил чун санги пинҳонгар шарории доштам
در دل چون سنگ پنهان گر شراری داشتم
Кам нашуд чун мавҷ аз оғӯши дарёи ваҳшатам
کم نشد چون موج از آغوش دریا وحشتم
Гарчи будам дар миёни доими канории доштам
گرچه بودم در میان دایم کناری داشتم
Осмон бо он зибардастии маро дар хок буд
آسمان با آن زبردستی مرا در خاک بود
Аз ғубори хоксорӣ то ҳисории доштам
از غبار خاکساری تا حصاری داشتم
Гарчи аз беҳосилӣ будам илм дар бӯстон
گرچه از بی حاصلی بودم علم در بوستان
Бар дил аз озодагӣ чун сарви бории доштам
بر دل از آزادگی چون سرو باری داشتم
Сӯрати аҳволи ман бе холи айби он рӯз буд
صورت احوال من بی خال عیب آن روز بود
Каз сари зонуии худ ойӣнаи дории доштам
کز سر زانوی خود آیینه داری داشتم
Буд моҳи иди соиб дар назари сӣ шаби маро
بود ماه عید صائب در نظر سی شب مرا
Дар назар то тоқи абрӯии нигории доштам
در نظر تا طاق ابروی نگاری داشتم