Ҷузи ғубор аз сафари хок чаҳ ҳосил кардем

جز غبار از سفر خاک چه حاصل کردیم

Сафари он буд ки мо дар қадам дил кардем

سفر آن بود که ما در قدم دل کردیم

Домани каъба чаҳ гирд аз рухи мо пок кунад

دامن کعبه چه گرد از رخ ما پاک کند

Мо ки ҳар гоми дарин роҳи ду манзил кардем

ما که هر گام درین راه دو منزل کردیم

Даст аз он зулф бидоред ки мо бекорон

دست از آن زلف بدارید که ما بیکاران

Умри худ дар сари як уқда мушкил кардем

عمر خود در سر یک عقده مشکل کردیم

Боғбон бар рухи мо гӯ дар бустон магушо

باغبان بر رخ ما گو در بستان مگشا

Мо тамошои гул аз равзана дил кардем

ما تماشای گل از روزنه دل کردیم

Ҳар чаҳ ҷузи ёди ҳақ , аз домани дили аФшондим

هر چه جز یاد حق، از دامن دل افشاندیم

Хок дар дидаи андеша ботил кардем

خاک در دیده اندیشه باطل کردیم

Осмон буду замин , пилаи шодӣ бо ғам

آسمان بود و زمین، پله شادی با غم

Ғаму шодии ҷаҳонро чу муқобил кардем

غم و شادی جهان را چو مقابل کردیم

Дили мо муфт нашуд машриқи анвори яқин

دل ما مفت نشد مشرق انوار یقین

Чашмро дар сари равшангарӣ дил кардем

چشم را در سر روشنگری دل کردیم

эй муаллими сари худ гир ки мо чун гирдоб

ای معلم سر خود گیر که ما چون گرداب

Қатъи умеди зи сари ришта соҳил кардем

قطع امید ز سر رشته ساحل کردیم

Оҳ агар дар ҷигари теғ гуворо нашавад

آه اگر در جگر تیغ گوارا نشود

Мушти хӯнӣ ки нисори раҳ қотил кардем

مشت خونی که نثار ره قاتل کردیم

Рафт дар кори сухани умри гиромии соиб

رفت در کار سخن عمر گرامی صائب

Ҷузи пушаймонии азин кор чаҳ ҳосил кардем

جز پشیمانی ازین کار چه حاصل کردیم

Хониш
ғзл шморҳ 134 — прӣ соткнӣ ъндлӣб