Ҳар чаҳ эҳсон ту додааст ба мо он дорем
هر چه احسان تو داده است به ما آن داریم
Мо чаҳ дорем зи худ то зи ту пинҳон дорем
ما چه داریم ز خود تا ز تو پنهان داریم
намерасад воҷибии мо зи нҳонхонаҳи ғайб
می رسد واجبی ما ز نهانخانه غیب
Мо чаҳ шармандагӣ аз олам имкон дорем
ما چه شرمندگی از عالم امکان داریم
Чашми рағбати нгшоиим ба сӣ пораи моҳ
چشم رغبت نگشاییم به سی پاره ماه
Дар назар рӯй ту пайваста чу қуръон дорем
در نظر روی تو پیوسته چو قرآن داریم
Тирборони ҳаводиси қафас мо нашавад
تیرباران حوادث قفس ما نشود
Дил шерем , чаҳ пурвой Нитсаатон дорем
دل شیریم، چه پروای نیستان داریم
Хаси бозичаи дарё , дил ҳушёрон аст
خس بازیچه دریا، دل هشیاران است
Мо ки мастем чаҳ андешаи з тӯфон дорем
ما که مستیم چه اندیشه ز طوفان داریم
Гар қафаси зи оҳану фӯлод буд ме шиканем
گر قفس ز آهن و فولاد بود می شکنیم
Тўтёним ки рӯ дар шкрстон дорем
طوطیانیم که رو در شکرستان داریم
Даст дар домани мо зан ки чу сайлоби баҳор
دست در دامن ما زن که چو سیلاب بهار
Аз хароботи ҷаҳон рӯй ба Аммон дорем
از خرابات جهان روی به عمان داریم
Доғи ишқи ту зи андозаи мо афзӯн аст
داغ عشق تو ز اندازه ما افزون است
Дастӣ аз давр бар ин оташ сӯзон дорем
دستی از دور بر این آتش سوزان داریم
Дасти кӯтоҳи зи домони гулу по дар гул
دست کوتاه ز دامان گل و پا در گل
Ҳоли хори сари девор гулистон дорем
حال خار سر دیوار گلستان داریم
Хайма дар Миср чу пероҳан Юсуф зада ем
خیمه در مصر چو پیراهن یوسف زده ایم
Ҷилваҳо дар назари мардум канъон дорем
جلوه ها در نظر مردم کنعان داریم
Зангёни душмани ойӣна бе зангоранд
زنگیان دشمن آیینه بی زنگارند
Ба каз ин тираи дилони оина пинҳон дорем
به کز این تیره دلان آینه پنهان داریم
Ризқи дасту даҳани мо з сар хон фалак
رزق دست و دهن ما ز سر خوان فلک
Пушт дастӣаст ки пайваста ба дандон дорем
پشت دستی است که پیوسته به دندان داریم
Гарчи аз тнгдлоним ба зоҳири соиб
گرچه از تنگدلانیم به ظاهر صائب
Чаҳ фазоҳо ки дарин гӯша зиндон дорем
چه فضاها که درین گوشه زندان داریم
Рӯзӣ мо набӯд ғайри дили мо соиб
روزی ما نبود غیر دل ما صائب
Хабар аз оқибати неъмат алвон дорем
خبر از عاقبت نعمت الوان داریم
Соиби ин он ғазали ориф рӯмаст ки гуфт
صائب این آن غزل عارف روم است که گفت
Чаҳ ғам ар зар набӯд , чун мадад аз кон дорем
چه غم ار زر نبود، چون مدد از کان داریم