Ба танги ҳамчуи шарар аз бақои хештанам
به تنگ همچو شرر از بقای خویشتنم
Тамоми чашми зи шавқи фанои хештанам
تمام چشم ز شوق فنای خویشتنم
Раҳ гурез набастааст ҳеҷ кас бар ман
ره گریز نبسته است هیچ کس بر من
Асири банди гарони вафои хештанам
اسیر بند گران وفای خویشتنم
Ба бе ниёзии ман ноз мекунад ҳиммат
به بی نیازی من ناز می کند همت
Тавонгар аз дил бе муддаои хештанам
توانگر از دل بی مدعای خویشتنم
зи дастгирии мардум бурӣдаам пайванд
ز دستگیری مردم بریده ام پیوند
Умедвор ба дасти дуои хештанам
امیدوار به دست دعای خویشتنم
Ба пораи дил худ мекунам чу ғунчаи мадор
به پاره دل خود می کنم چو غنچه مدار
Раҳин миннати барг ва навой хештанам
رهین منت برگ و نوای خویشتنم
Чаро зи ғайр шикоят кунам , ки ҳамчуи ҳубоб
چرا ز غیر شکایت کنم، که همچو حباب
Ҳамеша хонаи хароби ҳавои хештанам
همیشه خانه خراب هوای خویشتنم
Сафина дар арақи шарми ман тавон андохт
سفینه در عرق شرم من توان انداخت
зи бас ки мунфаил аз кардаҳои хештанам
ز بس که منفعل از کردههای خویشتنم
зи банди хасм ба тадбир ме тавон ҷустан
ز بند خصم به تدبیر می توان جستن
Маро чаҳ чора ки занҷири пои хештанам
مرا چه چاره که زنجیر پای خویشتنم
Гирифт тоҷи зар аз офтоби шабнам ва ман
گرفت تاج زر از آفتاب شبنم و من
Ҳамон зи пастии толеъ ба ҷои хештанам
همان ز پستی طالع به جای خویشتنم
Ба ҷой хеш набудам чу ҷобаҷо будам
به جای خویش نبودم چو جابجا بودم
Кунун ки дар ҳама ҷоем ба ҷои хештанам
کنون که در همه جایم به جای خویشتنم
Ба эътибор ҷаҳон нест қадари ман соиб
به اعتبار جهان نیست قدر من صائب
Азизи Мисри вуҷӯд аз навой хештанам
عزیز مصر وجود از نوای خویشتنم