Ба ҳаволии ду чашмаши ҳашам бало нишаста

به حوالی دو چشمش حشم بلا نشسته

Чу қабӣлаи гирди Лайлии ҳама ҷобаҷо нишаста

چو قبیله گرد لیلی همه جابجا نشسته

Хату хол бар изораши ҳама ҷобаҷо нишаста

خط و خال بر عذارش همه جابجا نشسته

Наравад зи дидаи нақшӣ ки ба муддао нишаста

نرود ز دیده نقشی که به مدعا نشسته

Нанашаста нози чандон ба ҳаволии ду чашмаш

ننشسته ناز چندان به حوالی دو چشمش

Ки ба ҳалқаҳои зулфаши дил мубтало нишаста

که به حلقه های زلفش دل مبتلا نشسته

Сарви кори ман фитода ба ғизоли шӯхи чашмӣ

سرو کار من فتاده به غزال شوخ چشمی

Ки даруни дидаи ман зи назар ҷудо нишаста

که درون دیده من ز نظر جدا نشسته

Ба ду даст пурнигориш бингар зи куштани ман

به دو دست پرنگارش بنگر ز کشتن من

Ки пас аз ҳалок наҚишм чаҳ ба муддао нишаста

که پس از هلاک نقشم چه به مدعا نشسته

На мурувватаст моро зи ҷунуни канора кардан

نه مروت است ما را ز جنون کناره کردن

Ки ба ҳар гузори тифлӣ ба умед мо нишаста

که به هر گذار طفلی به امید ما نشسته

Ки гузаштаи зини гулистони шаби дӯши масту хандон ?

که گذشته زین گلستان شب دوش مست و خندان؟

Ки ба рӯй гули зи шабнами арақ ҳаё нишаста

که به روی گل ز شبنم عرق حیا نشسته

Чаҳ аҷаб агар хадангаш ба серум фиканд соя ?

چه عجب اگر خدنگش به سرم فکند سایه؟

Ки ба хоб дида будам ба серум ҳумо нишаста

که به خواب دیده بودم به سرم هما نشسته

Ту ки акс худ надидӣ зи ҳиҷобу шарми ҳаргиз

تو که عکس خود ندیدی ز حجاب و شرم هرگز

Ба рахти арақ чаҳ доне ки чаҳ хўшнмо нишаста

به رخت عرق چه دانی که چه خوشنما نشسته

Ба закот ҳасан бигузар сӯии гулистон ки гулҳо

به زکات حسن بگذر سوی گلستان که گلها

Ҳама бо кафи кушодаи зи пай дуо нишаста

همه با کف گشاده ز پی دعا نشسته

зи насими боли бустон ба назораи гулистон

ز نسیم بال بستان به نظاره گلستان

Ки чароғи лолау гул ба раҳ сабо нишаста

که چراغ لاله و گل به ره صبا نشسته

зи ду санги донаи мушкил ба канор солим ояд

ز دو سنگ دانه مشکل به کنار سالم آید

Нануҳум қадам ба базмӣ ки ду ошно нишаста

ننهم قدم به بزمی که دو آشنا نشسته

Ба ду чашми зи хотири ғам рӯзгор шавем

به دو چشم ز خاطر غم روزگار شویم

Ки ғубор бар дили ман з на Асия нишаста

که غبار بر دل من ز نه آسیا نشسته

Ба саботи ҳасани хубони дил худ мабанд соиб

به ثبات حسن خوبان دل خود مبند صائب

Ки ба рӯй хори доими гул бевафо нишаста

که به روی خار دایم گل بی وفا نشسته