Агар надидӣ дарё ки ҷой андар ҷӯаст

اگر ندیدی دریا که جای اندر جوست

Бмни нигар ки дилами ҷӯии об раҳмат ӯст

بمن نگر که دلم جوی آب رحمت اوست

Кадоми ҷӯии дил бинҳоитм дарёст

کدام جوی دل بینهایتم دریاست

Кадоми дарёи дарёӣ бе бдоити дӯст

کدام دریا دریای بی بدایت دوست

Кадоми дӯсти ҳамон каз ҳавои ҷоми фаноаш

کدام دوست همان کز هوای جام فناش

Ҳикояти ман ва ҳастӣ ҳадиси санг ва сабуаст

حکایت من و هستی حدیث سنگ و سبوست

Нишаста дар пас зонуии инзивоу бсир

نشسته در پس زانوی انزوا و بسیر

Серуми зи дасти ҳуҷуми хаёл ва бар зонуаст

سرم ز دست هجوم خیال و بر زانوست

Бҷду ҷаҳд бар ишқи дӯсти дасти надод

بجد و جهد بر عشق دوست دست نداد

Макори тухми залолат ки ишқ ӯ худ рӯаст

مکار تخم ضلالت که عشق او خود روست

зи ғайри дили матлаби офтоби талъати ёр

ز غیر دل مطلب آفتاب طلعت یار

Ки шарқ ӯст сувидоу ғарб ӯ рагу пӯст

که شرق اوست سویدا و غرب او رگ و پوست

Нишони надоди кас аз раҳравони водии фақр

نشان نداد کس از رهروان وادی فقر

Ки гум шуданд дарин кӯчаи бскаҳи ту дар туаст

که گم شدند درین کوچه بسکه تو در توست

Миёни дӯст ки дар чшмҳост руста надид

میان دوست که در چشمهاست رسته ندید

Ду чашми ғайр ва набинад чу чашм мунаббат мӯаст

دو چشم غیر و نبیند چو چشم منبت موست

зи кӯй ёр набандем бори кӯй дигар

ز کوی یار نبندیم بار کوی دگر

Ки обрӯии ҳақиқати зи хоки ин сар кӯаст

که آبروی حقیقت ز خاک این سر کوست

Марои бсўзни исоу риштаи Марям

مرا بسوزن عیسی و رشته مریم

Чаҳ ҳоҷатаст ки бар чоки дили ғам ту руфӯаст

چه حاجتست که بر چاک دل غم تو رفوست

Ҳарорати сухани ишқи сӯхти синау дил

حرارت سخن عشق سوخت سینه و دل

Бадасти оташи пояндатар зи санг ва з рӯаст

بدست آتش پاینده تر ز سنگ و ز روست

Марои ббодиаҳи каъба муҷоз мабар

مرا ببادیه کعبه مجاز مبر

Ки дар ҳақиқати миҳробами он хам абрӯаст

که در حقیقت محرابم آن خم ابروست

Миёни оташу обами зи дасти дидау дил

میان آتش و آبم ز دست دیده و دل

На моҳем на самандари маро чаҳ табъ ва чаҳ хуаст

نه ماهیم نه سمندر مرا چه طبع و چه خوست

На шарқӣаст на ғарбии бҳичи сӯии мтоз

نه شرقیست نه غربی بهیچ سوی متاز

Ки офтоби самои сафои мо бе сӯаст

که آفتاب سمای صفای ما بی سوست