Бар нисори ёри ҷони андак буд дарвеш ро

بر نثار یار جان اندک بود درویش را

Хосса гар бинад бкоми он моҳи мҳрондиш ро

خاصه‌گر بیند بکام آن ماه مهراندیش را

Ҳаст маъзӯр ар чу мо зоҳид нашуд бедину дил

هست معذور ار چو ما زاهد نشد بیدین و دل

Чун ндидост ӯ битоб онзлФи кофари кеш ро

چون ندیداست او بتاب آنزلف کافر کیش را

Воъиз ар медид онгисўии мишкӣн рӯй дӯш

واعظ ار می‌دید آنگیسوی مشکین روی دوش

намефикандӣ пушти гӯши афсонаҳои пеш ро

می‌فکندی پشت گوش افسانه‌های پیش را

Ёр агар бошад бмҳр аз ҷаври ағёрам чаҳ бок

یار اگر باشد بمهر از جور اغیارم چه باک

Ёлби нӯшин ӯ миннат пазирем неш ро

یالب نوشین او منت پذیریم نیش را

Ъошқонрои марҳамии хуштар злъл ёр нест

عاشقانرا مرهمی خوشتر زلعل یار نیست

Вркаҳ ӯ бозу кунад марҳам нахоҳам риш ро

ورکه او بازو کند مرهم نخواهم ریش را

Шуд сафии бегонаи ҳам аз ғайр ва ҳам аз хештан

شد صفی بیگانه هم از غیر و هم از خویشتن

Зон на ӯ бегонаро шнът занад на хеш ро

زان نه او بیگانه را شنعت زند نه خویش را