Миннати дилами зи ҳалқаи мӯӣ ту мекашад
منت دلم ز حلقهٔ موی تو میکشد
Конро зи дайру каъбаи басӯи ту мекашад
کان را ز دیر و کعبه بسوی تو میکشد
Бо рӯй зарди гарм фирораст офтоб
با روی زرد گرم فرار است آفتاب
Гуё хиҷолати азмаҳ рӯй ту мекашад
گویا خجالت ازمه روی تو میکشد
Зебад агар занад ба сар ҳар ду куни пой
زیبد اگر زند به سر هر دو کون پای
Михўорҳӣ ки май зи сабуӣ ту мекашад
میخوارهٔی که میز سبوی تو میکشد
Зон дам ки пои зи доман модар кашида ам
زان دم که پا ز دامن مادر کشیدهام
Ишқами Аннани гирифта ба сӯй ту мекашад
عشقم عنان گرفته به سوی تو میکشد
эй зулфи ёри чўндли мо аз чаҳ ху нашавад
ای زلف یار چوندل ما از چه خو نشود
Хиҷлат агар на нофаи зи буи ту мекашад
خجلت اگر نه نافه ز بوی تو میکشد
Хоҳад агар ки нақши қиёмат рақам кунад
خواهد اگر که نقش قیامت رقم کند
Наққоши нақш қад накӯй ту мекашад
نقاش نقش قد نکوی تو میکشد
Онро ки медиҳанд ббоғи биҳишти ҷой
آنرا که میدهند بباغ بهشت جای
Гар одамаст рахти басӯи ту мекашад
گر آدم است رخت بسوی تو میکشد
Аз чоки сина ҳар нафасӣ мекашад сағир
از چاک سینه هر نفسی میکشد صغیر
Оҳӣ дар интизори руфӯии ту ту мекашад
آهی در انتظار رفوی تو تو میکشد