Дӯстон бо ки даҳуми шарҳи парешонеи хеш

دوستان با که دهم شرح پریشانی خویش

Ки чисон гашта сияҳи рӯзам аз онзлФи пареш

که چسان گشته سیه روزم از آنزلف پریش

Рӯз аз шаб нануҳум фарқу мсоро зи сабоҳ

روز از شب ننهم فرق و مسا را ز صباح

Душман аз дӯсти нмидонми вбигонаҳи зи хеш

دشمن از دوست نمیدانم وبیگانه ز خویش

Носеҳами гӯи надиҳади панд ки судӣ накунад

ناصحم گو ندهد پند که سودی نکند

Дили девонаи куҷои всхни хирондиш

دل دیوانه کجا وسخن خیراندیش

Хоҳӣ ар ҳол дилам пресс аз онтраҳ ки ман

خواهی ار حال دلم پرس از آنطره که من

Рўзгорист надорам хабарӣ аз дили хеш

روزگاریست ندارم خبری از دل خویش

На ман ошуфтаи он турраи таррораму бас

نه من آشفتهٔ آن طره طرارم و بس

Ҷон набардааст мусулмонӣ аз аинкоФри кеш

جان نبرده است مسلمانی از اینکافر کیش

Кӣ муяссар шавад осоиши ҳоли султон

کی میسر شود آسایش حال سلطان

Гар набошад паии осоиши ҳоли дарвеш

گر نباشد پی آسایش حال درویش

Ту ва андӯхтани симу зар эй хоҷа ки мо

تو و اندوختن سیم و زر ای خواجه که ما

Бигирифтем раҳи фақру фаноро дар пеш

بگرفتیم ره فقر و فنا را در پیش

Ман ки дорам гунаҳ ояд сӯии ман афви илоҳ

من که دارم گنه آید سوی من عفو اله

Зонка дармони сӯй дард ояду марҳами сӯии риш

زانکه درمان سوی درد آید و مرهم سوی ریش

Нест ғам гар нашавад кам ғам бисёр сағир

نیست غم گر نشود کم غم بسیار صغیر

Балки шодаст ки ҳар лаҳза ғамаш гардад беш

بلکه شاد است که هر لحظه غمش گردد بیش