Карда ишқи ту чунон бихбр ва бе хешам
کرده عشق تو چنان بیخبر و بی خویشم
Ки ба ғайр аз ту дигар ҳеҷ наме андешам
که به غیر از تو دگر هیچ نمیاندیشم
Гарм аз нӯши навозии варам аз неши занӣ
گرم از نوش نوازی ورم از نیش زنی
Ҳам бануш ту зи ҷони моил ва ҳам бар нешам
هم بنوش تو ز جان مایل و هم بر نیشم
Гар ман умеди анояти з ту дорам шояд
گر منامید عنایت ز تو دارم شاید
Ту шаҳи мамлакати ҳасанӣ ва ман дарвешам
تو شه مملکت حسنی و من درویشم
Мазҳаб ишқ бинозам ки ба якбора намӯд
مذهب عشق بنازم که به یکباره نمود
Фориғ аз ҳар равиш ва бехабар аз ҳар кешам
فارغ از هر روش و بی خبر از هر کیشم
Кард фориғи талаби васли ту аз ҳар корам
کرد فارغ طلب وصل تو از هر کارم
Сохт бегонаи ғами ишқи ту аз ҳар хешам
ساخت بیگانه غم عشق تو از هر خویشم
Дар ҷунуни ману маҷнӯн буд ар фарқ инаст
در جنون من و مجنون بود ار فرق اینست
Ки дар ин роҳи ду сад марҳала аз ваии пешам
که در این راه دو صد مرحله از وی پیشم
Лаби он шӯхи шикарханд наботӣаст сағир
لب آن شوخ شکرخند نباتی است صغیر
Ки намаки рехтаи доғаши бдрўни ришам
که نمک ریخته داغش بدرون ریشم