Зини ?илам дар дами маргами алмӣ беш набошад

زین الم در دم مرگم المی بیش نباشد

Гар туро байнам ва аз умри дамӣ беш набошад

گر تو را بینم و از عمر دمی بیش نباشد

Набӯд қӯти рафтор ба пои талаби ман

نبود قوت رفتار به پای طلب من

Варна то манзили ҷонони қадамӣ беш набошад

ورنه تا منزل جانان قدمی بیش نباشد

Саҳл бошад ки бар ореи ту таманнои дилӣ ро

سهل باشد که بر آری تو تمنای دلی را

Корзўиши зи ту ҷузи лутфи камӣ беш набошад

کآرزویش ز تو جز لطف کمی بیش نباشد

Нуқта ӣ лаъли лабатро набӯд ҳеҷ вуҷӯдӣ

نقطه ی لعل لبت را نبود هیچ وجودی

ё вуҷӯдӣаст ки ҳеҷ аз адамӣ беш набошад

یا وجودیست که هیچ از عدمی بیش نباشد

Нақд ҷонӣаст маро дар кафу дардо ки баҳояш

نقد جانیست مرا در کف و دردا که بهایش

Бар хубони ҷаҳон аз дарме беш набошад

بر خوبان جهان از درمی بیش نباشد

Кӣ талофии шаб ҳиҷр кунад рӯзи висолаш

کی تلافی شب هجر کند روز وصالش

Кон з умрӣаст фузуни ин зи дамӣ беш набошад

کآن ز عمریست فزون این ز دمی بیش نباشد

Бо ( саҳобам ) набӯд майл ситам гуфтӣ азин пас

با (سحابم) نبود میل ستم گفتی ازین پس

Зонка доне ки ба ӯ зини ситамӣ беш набошад

زانکه دانی که به او زین ستمی بیش نباشد