Агар барам ба сӯии чашми ашкбори ангушт
اگر برم به سوی چشم اشکبار انگشت
Чу моҳ нав шавад олӯда ӣ ғубори ангушт
چو ماه نو شود آلوده ی غبار انگشت
зи решаи шона ӣ оҷаст нохунами гӯйӣ
ز ریشه شانه ی عاج است ناخنم گویی
зи бас гузидаам аз дасти рӯзгори ангушт
ز بس گزیده ام از دست روزگار انگشت
Начидаам чу гулӣ ёрб аз куҷо дорад
نچیده ام چو گلی یارب از کجا دارد
Маро ба даст чу моҳии ҳазор хори ангушт
مرا به دست چو ماهی هزار خار انگشت
зи бас ба сар задам аз ғам , аҷаб набошад агар
ز بس به سر زدم از غم، عجب نباشد اگر
Кунад чу не ба кафами нолаҳои зори ангушт
کند چو نی به کفم ناله های زار انگشت
Грҳгшоиии кори маро ҳануз кам аст
گرهگشایی کار مرا هنوز کم است
Ба каф чу шона агар бошудам ҳазор ангушт
به کف چو شانه اگر باشدم هزار انگشت
зи бас ки мегазадам номи хештан аз нанг
ز بس که می گزدم نام خویشتن از ننگ
з хотамаст маро дар даҳони мори ангушт
ز خاتم است مرا در دهان مار انگشت
Маро ки ҳеҷ ба дастам намонда , ҳайронам
مرا که هیچ به دستم نمانده، حیرانم
Ки чун гирифтаи чунинам ба кафи қарори ангушт
که چون گرفته چنینم به کف قرار انگشت
Мабанд шарт барои шумурдани ғами ман
مبند شرط برای شمردن غم من
Ки бохти хотами худро дарин қимори ангушт
که باخت خاتم خود را درین قمار انگشت
Ба роҳи шавқи зи бас бо каф тиҳӣ рафтам
به راه شوق ز بس با کف تهی رفتم
Ба даст буд Асои ман фигори ангушт
به دست بود عصای من فگار انگشت
Замонаи тофтаи дасти ман ончунон ки маро
زمانه تافته دست من آنچنان که مرا
Ба каф чу шох ғизоласт тобдори ангушт
به کف چو شاخ غزال است تابدار انگشت
Ба рӯй оина ӣ хотирами зи даври фалак
به روی آینه ی خاطرم ز دور فلک
Нишаста бар сари ҳам гирди ғам , чаҳор ангушт
نشسته بر سر هم گرد غم، چهار انگشت
Ба ман касе нанамояд раҳи гурез , афсӯс
به من کسی ننماید ره گریز، افسوس
Ки нест дар кафи як каси дарин диёри ангушт
که نیست در کف یک کس درین دیار انگشت
Ба ин ҷаҳони зи адам омадан пушаймон аст
به این جهان ز عدم آمدن پشیمان است
Азон ҳамеша газад Тифли ширхори ангушт
ازان همیشه گزد طفل شیرخوار انگشت
Мҷўии коми дил аз рӯзгор ва фориғ бош
مجوی کام دل از روزگار و فارغ باش
Ба завқ муҳра макун дар даҳони мори ангушт
به ذوق مهره مکن در دهان مار انگشت
зи орзӯии як ангушти ангабин чун Тифл
ز آرزوی یک انگشت انگبین چون طفل
Макун ба хона ӣ занбӯр , зинҳор ангушт
مکن به خانه ی زنبور، زینهار انگشت
Чу ғунча каз қалами занбақ ошкор шавад
چو غنچه کز قلم زنبق آشکار شود
Барои ҳарфи ман оради қалам ба бори ангушт
برای حرف من آرد قلم به بار انگشت
зи хӯн ҳамеша ба чашмами мижа ҳино дорад
ز خون همیشه به چشمم مژه حنا دارد
Бидон сифат ки ба сарпанҷа инигор ангушт
بدان صفت که به سرپنجه ی نگار انگشت
Макун ба ҳалқа ӣ он зулфи тобдори ангушт
مکن به حلقه ی آن زلف تابدار انگشت
Ки ҳеҷ кас накунад дар даҳони мори ангушт
که هیچ کس نکند در دهان مار انگشت
зи бас ба ҳарфи ман ангушти оннигор ниҳод
ز بس به حرف من انگشت آن نگار نهاد
Ба даст ӯ шудаи рангин чу лолаи зори ангушт
به دست او شده رنگین چو لاله زار انگشت
зи шавқ ӯ шудам ошуфтаи гӯ , азон доим
ز شوق او شدم آشفته گو، ازان دایم
Қалами ниҳода ба ҳарфи ман фигори ангушт
قلم نهاده به حرف من فگار انگشت
Дилам ба синаи зи шавқи лаб ту ме ларзад
دلم به سینه ز شوق لب تو می لرزد
Чунон ки дар каф май хора аз хумори ангушт
چنان که در کف می خواره از خمار انگشت
Чигуна пардаи зи рӯяти кашам , ки даргирад
چگونه پرده ز رویت کشم، که درگیرد
зи тоби оташ рӯй ту шамъи вори ангушт
ز تاب آتش روی تو شمع وار انگشت
Ишора ӣ ту маро мекашад , фиғон ки чу тир
اشاره ی تو مرا می کشد، فغان که چو تیر
Ба сайдгоҳи ту май афканди шикори ангушт
به صیدگاه تو می افکند شکار انگشت
зи обу ранги гули боғи оризати гулчин
ز آب و رنگ گل باغ عارضت گلچین
Гумони барӣ ки магари баста дарнигор ангушт
گمان بری که مگر بسته در نگار انگشت
зи абрӯии ту суроғи дил ҳазин кардам
ز ابروی تو سراغ دل حزین کردم
Дароз кард сӯии зулфи тобдори ангушт
دراز کرد سوی زلف تابدار انگشت
Ба қамарёни чаман то туро суроғ диҳад
به قمریان چمن تا ترا سراغ دهد
Чу бед шуд ҳамаи тани сарви ҷӯйбори ангушт
چو بید شد همه تن سرو جویبار انگشت
Барои он ки зи ман сад сухан ба дил гирӣ
برای آن که ز من صد سخن به دل گیری
Чаҳ май занӣ ба лабами бози сафҳаи вори ангушт
چه می زنی به لبم باز صفحه وار انگشت
Шикастани зи мӯии ту афтодаи шиша ӣ дил ро
شکن ز موی تو افتاده شیشه ی دل را
Гиреҳи зи зулф ту дорад ба ёдгори ангушт
گره ز زلف تو دارد به یادگار انگشت
Қалами зи шарҳи ҳисоб ғамам шавад оҷиз
قلم ز شرح حساب غمم شود عاجز
Чунон ки аз карами шоҳи комкори ангушт
چنان که از کرم شاه کامکار انگشت
Шаҳи сарири вилоят , алӣ вале аллоҳ
شه سریر ولایت، علی ولی الله
Ки мекунад ба кафши кори зулфиқори ангушт
که می کند به کفش کار ذوالفقار انگشت
Аё шаҳӣ ки буд гулистони ҳиммат ро
ایا شهی که بود گلستان همت را
Кафи ту гулбуни эҳсону шохсори ангушт
کف تو گلبن احسان و شاخسار انگشت
Барад ба поя ӣ қадари ту осмони ҳасрат
برد به پایه ی قدر تو آسمان حسرت
Газад зи ҳайрати ҷоҳи ту рӯзгори ангушт
گزد ز حیرت جاه تو روزگار انگشت
Ба кишварӣ ки сипоҳи ту рӯ наад чун сайл
به کشوری که سپاه تو رو نهد چون سیل
зи гирдбоди برارد ба зинҳор ангушт
ز گردباد برآرد به زینهار انگشت
зи завқи аҳди ту хезади садои чинии азу
ز ذوق عهد تو خیزد صدای چینی ازو
зи барқ , абр занад чун ба кӯҳсори ангушт
ز برق، ابر زند چون به کوهسار انگشت
зи файзи бахшеи аҳди ту хубрӯён ро
ز فیض بخشی عهد تو خوبرویان را
Чу сурхи беди براردи зи худнигор ангушт
چو سرخ بید برآرد ز خود نگار انگشت
Каф навол ту дарёӣ ҳимматасту азу
کف نوال تو دریای همت است و ازو
Буд равона ба ҳрсў чу ҷӯйбори ангушт
بود روانه به هرسو چو جویبار انگشت
Насими зи оташи қаҳрати хабар ба гулшани барад
نسیم ز آتش قهرت خبر به گلشن برد
Буд ба раъша азон дар кафи чанори ангушт
بود به رعشه ازان در کف چنار انگشت
Ба зери сари чўнҳди дасти душманат дар хоб
به زیر سر چونهد دست دشمنت در خواب
Шавад барои сараши найзаи лолаи вори ангушт
شود برای سرش نیزه لاله وار انگشت
Чунон муҳӣти кафат дар сахо талотум кард
چنان محیط کفت در سخا تلاطم کرد
Ки ҳамчуи мавҷ азу рафт барканори ангушт
که همچو موج ازو رفت برکنار انگشت
Паии итоати рои ту то наад бар чашм
پی اطاعت رای تو تا نهد بر چشم
Дамидаи панҷа ӣ хуршедро ҳазор ангушт
دمیده پنجه ی خورشید را هزار انگشت
Ба хоки кушта ӣ теғи ту шамъ кӣ бошад ?
به خاک کشته ی تیغ تو شمع کی باشد؟
Ба зинҳор бароварда аз мазори ангушт
به زینهار برآورده از مزار انگشت
Буд зи моя ӣ баҳри кафи ту дар олам
بود ز مایه ی بحر کف تو در عالم
ГҳрФшон чу раги абри навбаҳори ангушт
گهرفشان چو رگ ابر نوبهار انگشت
Ба инқиёди замири тугар наад бар чашм
به انقیاد ضمیر تو گر نهد بر چشم
Баради зи дида ӣ аъамии буруни ғубори ангушт
برد ز دیده ی اعمی برون غبار انگشت
Муҳаббати ту дами марги дастгир буд
محبت تو دم مرگ دستگیر بود
Чунон ки аҳли ҳунарро ба вақти кори ангушт
چنان که اهل هنر را به وقت کار انگشت
Азин ки мадҳ туро мекунад ба сафҳаи рақам
ازین که مدح ترا می کند به صفحه رقم
Ба узвҳои дигар дорад ифтихори ангушт
به عضوهای دگر دارد افتخار انگشت
Ба сар чу тоҷ хурӯсаст ҷои панҷа ӣ ман
به سر چو تاج خروس است جای پنجه ی من
зи баси гирифтаи зи мадҳи ту эътибори ангушт
ز بس گرفته ز مدح تو اعتبار انگشت
Ҳамон ба сафҳаи санои турои рақами созам
همان به صفحه ثنای ترا رقم سازم
Ба даст агар шавадам хушк , хомаи вори ангушт
به دست اگر شودم خشک، خامه وار انگشت
з гирдбод шуд аз равшанои мадҳат
ز گردباد شد از روشنایی مدحت
Баланд дар талаби ман з ҳар диёри ангушт
بلند در طلب من ز هر دیار انگشت
Аҷаб ки водии мадҳи ту тай тавонад кард
عجب که وادی مدح تو طی تواند کرد
Ба саъии хома чу Тифлони неи савори ангушт
به سعی خامه چو طفلان نی سوار انگشت
Шҳо манам ки бар хасм , табъи ман ҳаргиз
شها منم که بر خصم، طبع من هرگز
Ба пушти чашми нмолидаҳи шармсори ангушт
به پشت چشم نمالیده شرمسار انگشت
зи эътирози каломам ҳамеша ҳосид ро
ز اعتراض کلامم همیشه حاسد را
Хазида дар шикани остин чу мори ангушт
خزیده در شکن آستین چو مار انگشت
Варақ з гуфта ӣ рангини ман ҳиное шуд
ورق ز گفته ی رنگین من حنایی شد
Магари ниҳода ба ҳарфи ман оннигор ангушт ?
مگر نهاده به حرف من آن نگار انگشت؟
Ба гулистони санои ту чун гули сад барг
به گلستان ثنای تو چون گل صد برگ
Азин қасида ба дастам буд ҳазор ангушт
ازین قصیده به دستم بود هزار انگشت
Баландтар буд аз офтоб дар маънӣ
بلندتر بود از آفتاب در معنی
Рубоӣам ки ба сӯрат буд чаҳор ангушт
رباعی ام که به صورت بود چهار انگشت
Ба маънии суханами норасида , нест аҷаб
به معنی سخنم نارسیده، نیست عجب
Наад ба ҳарфи ман ар хасм бе виқори ангушт
نهد به حرف من ار خصم بی وقار انگشت
Муқарараст ки аз баҳри имтиҳон , аввал
مقرر است که از بهر امتحان، اول
Ниҳанд бар дами шамшери обдори ангушт
نهند بر دم شمشیر آبدار انگشت
Салим , арзи ҳунари пеши шоҳ бе адабии сет
سلیم، عرض هنر پیش شاه بی ادبی ست
Бикаш Аннани қаламро , нигоҳи дори ангушт
بکش عنان قلم را، نگاه دار انگشت
Барор дасти дуои пеш азон ки аз суханат
برآر دست دعا پیش ازان که از سخنت
Забон баровард аз баҳр зинҳор ангушт
زبان برآورد از بهر زینهار انگشت
Ҳамеша то ки шавад панҷа аз ҳинои рангин
همیشه تا که شود پنجه از حنا رنگین
Мудом то ки бабанданд дарнигор ангушт
مدام تا که ببندند در نگار انگشت
Ҷаҳон ба зери нигини ту бод ва чун хотам
جهان به زیر نگین تو باد و چون خاتم
Кунад ба чашми ҳасуди ту рӯзгори ангушт
کند به چشم حسود تو روزگار انگشت