Ба чашми ҳиммати ман арса ӣ замин танг аст

به چشم همت من عرصه ی زمین تنگ است

Кушодааст марои дасту остин танг аст

گشاده است مرا دست و آستین تنگ است

Ба ҷон расидаам аз муҳаррамони турра ӣ дӯст

به جان رسیده ام از محرمان طره ی دوست

Ки айши мӯри зи паҳлавии хӯшаи чин танг аст

که عیش مور ز پهلوی خوشه چین تنگ است

Забони зи ӯҳда ӣ шукри ту чун бурун ояд ?

زبان ز عهده ی شکر تو چون برون آید؟

Ки бар бузургии номи ту ин нигин танг аст

که بر بزرگی نام تو این نگین تنگ است

Дар остони ту арз ниёз хоҳам кард

در آستان تو عرض نیاز خواهم کرد

Бисоти саҷдаи кушоду марои ҷабин танг аст

بساط سجده گشاد و مرا جبین تنگ است

зи ҷӯши сабза ӣ хат шуд табассумаши дилгир

ز جوش سبزه ی خط شد تبسمش دلگیر

Фиғон ки ҷои зи мӯрон бар ангабин танг аст

فغان که جای ز موران بر انگبین تنگ است

Чу мавҷи оби равони гашти сӯии пешонӣ

چو موج آب روان گشت سوی پیشانی

Дар остини ту аз бас ки ҷои чин тангаст !

در آستین تو از بس که جای چین تنگ است!

Ба он умед ки гирами суроғи турра ӣ ӯ

به آن امید که گیرم سراغ طره ی او

Ҳамеша хонаам аз ҷӯши шонаи байн танг аст

همیشه خانه ام از جوش شانه بین تنگ است

Чу боргоҳи сулаймон , бисоти табъи салим

چو بارگاه سلیمان، بساط طبع سلیم

Кушодааст , чаҳ ҳосил ки ин замин танг аст

گشاده است، چه حاصل که این زمین تنگ است