Рашками зи гуфтугӯии ту хомӯш ме кунад
رشکم ز گفتگوی تو خاموش میکند
Науммат наме барам ки дилам гӯш ме кунад
نامت نمیبرم که دلم گوش میکند
Ойӣнаро висоли ту хуш рӯй дода аст
آیینه را وصال تو خوش روی داده است
Ъушрат ҳамеша ринд нмдпўш ме кунад
عشرت همیشه رند نمدپوش میکند
Боли ҳумо ба шҳпр мисра наме расад
بال هما به شهپر مصرع نمیرسد
Давлат азон талаб ки сухан гӯш ме кунад
دولت ازان طلب که سخن گوش میکند
Сӯрат набаст дар дили мо кӣна ӣ касе
صورت نبست در دل ما کینهٔ کسی
Ойӣна ҳарчӣ дид , фаромӯш ме кунад
آیینه هر چه دید، فراموش میکند
Хоҳад салими чиди гулӣ аз висол ӯ
خواهد سلیم چید گلی از وصال او
Хамёзаи сахти хизмат оғӯш ме кунад
خمیازه سخت خدمت آغوش میکند