Нигоҳи боғбонам , май пурситами лолау гул ро
نگاه باغبانم، میپرستم لاله و گل را
Кунам чун мӯии пайғамбари зиёрати шохи сунбул ро
کنم چون موی پیغمبر زیارت شاخ سنبل را
Пар аз гули домани худро зи файзи хирқа май байнам
پر از گل دامن خود را ز فیض خرقه میبینم
Чу товусон кунам чатри худ ин домони пургул ро
چو طاووسان کنم چتر خود این دامان پرگل را
Ба гулшани доми зулфу серумаи чашмаши зи сайёдӣ
به گلشن دام زلف و سرمهٔ چشمش ز صیادی
Яке булбул гирифту дайгарии овози булбул ро
یکی بلبل گرفت و دیگری آواز بلبل را
Аннани пойдорӣ чун зи кафи шавқ фано гирад
عنان پایداری چون ز کف شوق فنا گیرد
Кунад чун мавҷ бо сайли баҳории ҳамсафари пул ро
کند چون موج با سیل بهاری همسفر پل را
Салим аз лоилоҷии хешро бояд ба дарё зад
سلیم از لاعلاجی خویش را باید به دریا زد
Гирифтаи мавҷ ҳамчун раҳзанон аз мо сари пул ро
گرفته موج همچون رهزنان از ما سر پل را