Дар чамани шамшоди мангар шона бар кокул занад

در چمن شمشاد من گر شانه بر کاکل زند

Бод аз ҳар сӯ ки ояд таъна бар сунбул занад

باد از هر سو که آید طعنه بر سنبل زند

Меҳрбониҳои гулро байн ки вақти бихўдӣ

مهربانی های گل را بین که وقت بیخودی

Ҳрдм аз шабнами гулобӣ бар рух булбул занад

هردم از شبنم گلابی بر رخ بلبل زند

Дар тариқи ъшқбозӣ аз касе кам нестам

در طریق عشقبازی از کسی کم نیستم

Мавҷи сайлоби ғамами паҳлу ба тоқ пул занад

موج سیلاب غمم پهلو به طاق پل زند

Шӯри савдо дар сараш афзӯн шуд аз буии баҳор

شور سودا در سرش افزون شد از بوی بهار

Боғбон хубаст булбулро ба чӯб гул занад

باغبان خوب است بلبل را به چوب گل زند

Кард тасхири хуросону Ироқ аз соҳирӣ

کرد تسخیر خراسان و عراق از ساحری

Хайма мехоҳад салим акнӯн сӯй кобул занад

خیمه می خواهد سلیم اکنون سوی کابل زند