Ишқ аз серум чу шӯри зи майхона кам нашуд
عشق از سرم چو شور ز میخانه کم نشد
Оҳ аз дилам чу гирди зи вайрона кам нашуд
آه از دلم چو گرد ز ویرانه کم نشد
Маҷлиси тамоми гашт ва барои гули чароғ
مجلس تمام گشت و برای گل چراغ
Даъвии миёни булбулу парвона кам нашуд
دعوی میان بلبل و پروانه کم نشد
Як чӯби гул ба боғ барои даво намонад
یک چوب گل به باغ برای دوا نماند
Шӯри ҷунуни булбули девона кам нашуд
شور جنون بلبل دیوانه کم نشد
Дар остони қайсару хоқон касе намонад
در آستان قیصر و خاقان کسی نماند
Ғавғои халқ аз дар майхона кам нашуд
غوغای خلق از در میخانه کم نشد
Шукри худо ки тафриқаи моро ба ҳам назд
شکر خدا که تفرقه ما را به هم نزد
Бар бод рафт хирман ва як дона кам нашуд
بر باد رفت خرمن و یک دانه کم نشد
Мотмсрои салим , дили хаста ӣ ман аст
ماتمسرا سلیم، دل خسته ی من است
Ҳаргиз навой навҳаи азин хона кам нашуд
هرگز نوای نوحه ازین خانه کم نشد