Аё ситораи сипоҳӣ ки оби шамшерат

ایا ستاره سپاهی که آب شمشیرت

Ғубори фитнау зулм аз ҳавоӣ малик бинишонад

غبار فتنه و ظلم از هوای ملک بنشاند

Фалак ба номи ту то хутба дод дар олам

فلک به نام تو تا خطبه داد در عالم

Замонаи ҷузи ту касеро ба подшоҳед нахонд

زمانه جز تو کسی را به پادشاهید نخواند

Ғубори домани қадари ту буд чархи кабӯд

غبار دامن قدر تو بود چرخ کبود

Гуҳӣ ки ҳиммати ту доман аз ҷаҳон ифшоанд

گهی که همت تو دامن از جهان افشاند

Ба ҷоҳи хост ки монад ба ту мухолифи ту

به جاه خواست که ماند به تو مخالف تو

Басӣ бидод дарин иштиёқи ҷон ва намонад

بسی بداد درین اشتیاق جان و نماند

Шҳо каммият ман омад рикоби сон дар по

شها کمیت من آمد رکاب سان در پا

Аннани азм ба куллӣ зи даст ман бастанд

عنان عزم به کلی ز دست من بستاند

Ба зӯр май кишмиш чун камон аз онкӣ бирав

به زور می‌کشمش چون کمان از آنکه برو

Ҷузи устихону пайу пӯсти ҳеҷ чиз намонад

جز استخوان و پی و پوست هیچ چیز نماند

Ба мураккабем мадади даҳ азон ки нест маро

به مرکبیم مدد ده ازان که نیست مرا

Бадасти лоғарии ҷузи қалам ки битавон ронад

بدست لاغری جز قلم که بتوان راند

Вагарна дурустӣ хоҳад аз касолату заъф

وگرنه درستی خواهد از کسالت و ضعف

Миён гирд бимонад сутур ва мард намонад

میان گرد بماند ستور و مرد نماند