Алои аикаҳи дории умеди висол

الا ایکه داری امید وصال

Ба якборагӣ аз ҷудои мисол

به یکبارگی از جدایی مثال

Фироқ ва висоласт айшу аҷал

فراق و وصال است عیش و اجل

Дар ин ҳарду ҳастанд ёсу амл

در این هردو هستند یاس و امل

Умед висоласт дар иштиёқ

امید وصال است در اشتیاق

Вале дар висоласт бими фироқ

ولی در وصال است بیم فراق

Умед Наимасту бими ҷҳим

امید نعیم است و بیم جحیم

Ба ҳар ҳоли умеди беҳтар ки бим

به هر حال امید بهتر که بیم

Фироқаст машшота рӯй ишқ

فراق است مشاطه روی عشق

Наад бар рухи шоҳидони мӯии ишқ

نهد بر رخ شاهدان موی عشق

Шаби тираро ҳаст умеди бом

شب تیره را هست امید بام

Вале бомро дар камӣаст шом

ولی بام را در کمی است شام

Агарчӣ висоласт хуш бар мазоқ

اگرچه وصال است خوش بر مذاق

Наярзад ба талхии рӯзи фироқ

نیرزد به تلخی روز فراق

Дилогар на талхии ҳиҷрони бадӣ

دلا گر نه تلخی هجران بدی

Куҷои лиззати васл пайдо шудӣ

کجا لذت وصل پیدا شدی

Мурод аз длором ишқасту бас

مراد از دلارام عشق است و بس

з васлат шавад ки ҳўӣу ҳавас

ز وصلت شود که هوی و هوس

Ҷудоӣ кунад ишқро тезтар

جدایی کند عشق را تیزتر

Буд ханҷари ҳиҷри хӯни резтар

بود خنجر هجر خون ریزتر

Лаби васл ширин кунад коми дил

لب وصل شیرین کند کام دل

Ҳаромаст бар ошиқи ороми дил

حرام است بر عاشق آرام دل

Камоли ?ути мари ошиқонро висол

کمال ات مر عاشقان را وصال

Ҷудои ҷаҳонро бар оради камол

جدایی جهان را بر آرد کمال

Мҷуи ончии коми ту ҳосил кунад

مجو آنچه کام تو حاصل کند

зи чизе ки мақсӯд ботил кунад

ز چیزی که مقصود باطل کند

Ҷавонии ҷўонбхту хуршеди чеҳр

جوانی جوانبخت و خورشید چهر

Шунидам ки боми ма рухӣ дошт меҳр

شنیدم که بام مه رخی داشت مهر

Чу мижгони худ дар таманноӣ ӯ

چو مژگان خود در تمنای او

Ҳамеи рехти гавҳар ба болой ӯ

همی ریخت گوهر به بالای او

Шабу рӯз аз меҳр чун моҳу хур

شب و روز از مهر چون ماه و خور

Фишондӣ бар он моҳрӯи симу зар

فشاندی بر آن ماهرو سیم و زر

Насибии азуи ҷуз хаёлӣ надошт

نصیبی ازو جز خیالی نداشت

Муродӣ ба ғайр аз висолӣ надошт

مرادی به غیر از وصالی نداشت

Гули андоми доман аз ӯ ме кашид

گل اندام دامن از او می‌کشید

Бар ӯ соя сурӯш наме густаред

بر او سایه سروش نمی‌گسترید

Чу наргис намекард дар ваии назар

چو نرگس نمی‌کرد در وی نظر

Сар андар наёвард бо ӯ ба зар

سر اندر نیاورد با او به زر

Хроботӣ бесару поу маст

خراباتی بی‌سر و پا و مست

Ба якборагӣ дода тоқати зи даст

به یکبارگی داده طاقت ز دست

Ба савдои дилдори дил баста дошт

به سودای دلدار دل بسته داشت

зи ҳиҷрони рӯйиши дилӣ хаста дошт

ز هجران رویش دلی خسته داشت

Бидон сарви симин ҳавоӣ намӯд

بدان سرو سیمین هوایی نمود

Ба оташи ҳавои бештари майл буд

به آتش هوا بیشتر میل بود

Наме ҷусти ҷузи ишқи комии зи дӯст

نمی‌جست جز عشق کامی ز دوست

Аз ӯ хости мағзи ҳақиқат на пӯст

از او خواست مغز حقیقت نه پوست

Чу боз ояд оби висолаш ба ҷӯ

چو باز آید آب وصالش به جو

Фурӯ меравад оташи тез ӯ

فرو می‌رود آتش تیز او

Яке кард аз он моҳи пайкари суол

یکی کرد از آن ماه پیکر سوال

Ки бо ман бигӯ эй ҷаҳони ҷамол

که با من بگو ای جهان جمال

Ҷавонии бад-ӣни ҳасану ройу хирад

جوانی بدین حسن و رای و خرد

Ки ҳар мӯӣ ӯ дил ба ҷое хирад

که هر موی او دل به جایی خرد

Чароаш ончунон хори бгзоштӣ ?

چراش آنچنان خوار بگذاشتی؟

Сар носазое барафроштӣ

سر ناسزایی برافراشتی

Нигорин санами хуш ҷавобяш гуфт

نگارین صنم خوش جوابیش گفت

Ба алмоси ёқӯт дар нӯши сифт

به الماس یاقوت در نوش سفت

Ки ман ҳамчуи хуршедам ва чун ҳилол

که من همچو خورشیدم و چون هلال

намеҷӯяд аз ман ба ҷузи иттисол

نمی‌جوید از من به جز اتصال

Ҷавони ҳамчу бадараст ва ман хури мисол

جوان همچو بدر است و من خور مثال

намеҷӯяд аз ман ҷуз аз иттисол

نمی‌جوید از من جز از اتصال

зи даврии ман гарчи коҳад чу моҳ

ز دوری من گرچه کاهد چو ماه

Дар охир ба васлами паноҳад чу моҳ

در آخر به وصلم پناهد چو ماه

Ҳамин коҷтмоъӣ фитад баъди азон

همین کاجتماعی فتد بعد ازآن

Аз он нур меҳраш намонад нишон

از آن نور مهرش نماند نشان

Вале мекунад ин парокандаи ҳол

ولی می‌کند این پراکنده حال

зи ман нури меҳраши талаб чун ҳилол

ز من نور مهرش طلب چون هلال

зи ман ҳар замонӣ шавад давртар

ز من هر زمانی شود دورتر

Дарунаши з ишқаст маҳҷӯртар

درونش ز عشق است مهجورتر

Ҳамин то кунад меҳри кораши тамом

همین تا کند مهر کارش تمام

Аз ӯ нур хоҳанд мардуми бўом

از او نور خواهند مردم بوام

Чу май гарчи талхаст таъми фироқ

چو می‌ گرچه تلخ است طعم فراق

Азу шаккаринаст ҷонро мазоқ

ازو شکرین است جان را مذاق

Ба хусрави лаби лаъл ширин расед

به خسرو لب لعل شیرین رسید

Вале лиззати ишқ Фарҳод дид

ولی لذت عشق فرهاد دید

Ба пӯлоди Фарҳоди хорои шикофт

به پولاد فرهاد خارا شکافت

Муроди дили худ дар он санг ёфт

مراد دل خود در آن سنگ یافت

Ҳамаи рӯзи хусрави паии васли тохт

همه روز خسرو پی وصل تاخت

Хунаки ҷони он кас ки бо ҳиҷри сохт

خنک جان آن کس که با هجر ساخت

Касе давлати каъба ишқ дид

کسی دولت کعبه عشق دید

Ки ранҷи биёбон ҳиҷрон кашид

که رنج بیابان هجران کشید

Аз он нест дар ишқи хусрави қавӣ

از آن نیست در عشق خسرو قوی

Ки май ҷуст дар ошиқии хусравӣ

که می‌جست در عاشقی خسروی

зи парвизи Фарҳод аз он бар гузашт

ز پرویز فرهاد از آن بر گذشت

Казин пери Фарҳод каш даргузашт

کزین پیر فرهاد کش درگذشت

Яке гуфт маҷнӯн чу маҷнӯн шудӣ

یکی گفت مجنون چو مجنون شدی

Сарви сарвари ошиқон чун шудӣ ?

سرو سرور عاشقان چون شدی؟

Буд бахти ошиқи зи васли ҳабиб

بود بخت عاشق ز وصل حبیب

Аз ин қисм ҳаргиз набӯдат насиб

از این قسم هرگز نبودت نصیب

Шавад кори ошиқи зи суҳбати тамом

شود کار عاشق ز صحبت تمام

Туро ёр ҳаргиз набахшид ком

تو را یار هرگز نبخشید کام

Баси ошуфта май байнами ин кори ту

بس آشفته می‌بینم این کار تو

Чаро шуд чунин гарми бозори ту ?

چرا شد چنین گرم بازار تو؟

Чунин дод посухӣ ки ман иттисол

چنین داد پاسخی که من اتصال

Нҷстми зи маъшӯқ дар ҳеҷ ҳол

نجستم ز معشوق در هیچ حال

зи Лайлии марои орзӯи ҳиҷр буд

ز لیلی مرا آرزو هجر بود

Дар ишқ бар ман з ҳиҷрон гушӯд

در عشق بر من ز هجران گشود

Агар дайгарӣ васл ҷӯяд зи дӯст

اگر دیگری وصل جوید ز دوست

Муроди ман аз дӯст савдоӣ ӯст

مراد من از دوست سودای اوست

Муборак змонсаст даври висол

مبارک زمانس است دور وصال

Ба шартӣ ки афзӯн буд иттисол

به شرطی که افزون بود اتصال

Дил ар қимат ҳиҷр бишнохтӣ

دل ار قیمت هجر بشناختی

Ба васл аз фироқаши нпрдохтӣ

به وصل از فراقش نپرداختی

Нагӯйӣ ки дил хастаам дар фироқ

نگویی که دل خسته‌ام در فراق

Ки бо дӯст пайвастаам дар фироқ

که با دوست پیوسته‌ام در فراق

зи даврии сухани гашти рӯзи дароз

ز دوری سخن گشت روز دراز

Кунун хоҳам омад аз рози боз

کنون خواهم آمد از راز باز

Агар шарҳи даврии даҳум бар давом

اگر شرح دوری دهم بر دوام

Нахоҳад шуд ин қиссаи ҳаргизи тамом

نخواهد شد این قصه هرگز تمام

Нагӯям ки салмони туе кам з кам

نگویم که سلمان تویی کم ز کم

Гирифтам ки бешии зи Ҳушангу ҷам

گرفتم که بیشی ز هوشنگ و جم

Байн то аз он пояи сарварӣ

بین تا از آن پایه سروری

Чаҳ бурданди эшон ту низ он барӣ

چه بردند ایشان تو نیز آن بری

Агар нардбонӣ наҳй бар фалак

اگر نردبانی نهی بر فلک

Ба қасри фалак бар шӯй чун малик

به قصر فلک بر شوی چون ملک

Аз он қасри даврон ба зери орадат

از آن قصر دوران به زیر آردت

Чу оҳӯ ба чанголи шери орадат

چو آهو به چنگال شیر آردت

Агар шер ё аждаҳое ба зӯр

اگر شیر یا اژدهایی به زور

Саранҷоми хоҳӣ шудани сайди гӯр

سرانجام خواهی شدن صید گور

Агар хоҷае вари амири аҷал

اگر خواجه‌ای ور امیر اجل

Наёбӣ раҳои зи тири аҷал

نیابی رهایی ز تیر اجل

Агар рустамӣ ва худ бамурдӣу ном

اگر رستمی و خود بمردی و نام

Вагар зол зар ҳастӣ аз тухми сом

وگر زال زر هستی از تخم سام

Мубин то ки бахтат фузун ме шавад

مبین تا که بختت فزون می‌شود

Бибин то саранҷом чун ме шавад

ببین تا سرانجام چون می‌شود

Мҷуи ком кин ҷойгаҳ ком нест

مجو کام کاین جایگه کام نیست

Сафар кун ки ӣнҷоӣ ором нест

سفر کن که اینجای آرام نیست

Иқомат чаҳсозӣ ? бадар май рӯй

اقامت چه سازی؟ بدر می‌روی

Аз ӣнҷо ба ҷой дигар май рӯй

از اینجا به جای دگر می‌روی

Чаро хуфтае хез корӣ бисоз

چرا خفته‌ای خیز کاری بساز

Ки худ дар паии тести хобии дароз

که خود در پی تست خوابی دراز

Чаҳ май ое эй дил бад-ӣн хон фурӯ ?

چه می‌آیی ای دل بدین خوان فرو؟

Ки меояд ин хони вайрони фурӯ

که می‌آید این خان ویران فرو

Чунон зӣ ки дар роҳати ободи ҷон

چنان زی که در راحت آباد جان

Бар осое аз раҳмати он ҷаҳон

بر آسایی از رحمت آن جهان

Ило ба хосони даргоҳи ту

الی به خاصان درگاه تو

Тану ҷон фидо карда дар роҳи ту

تن و جان فدا کرده در راه تو

Ба ирфони маърӯфи сари сиррӣ

به عرفان معروف سر سری

Ки поёни корам ба хайр оварӣ

که پایان کارم به خیر آوری