Аввали эҷод чун худои таъолӣ

اولِ ایجاد، چون خدایِ تعالی

Кард падед аз қалам чу сӯрати ашёъ

کرد پدید از قلم چو صورتِ اشیاء

Гуфт қалами баҳри васфи эзади якто

گفت قلم بهرِ وصفِ ایزدِ یکتا:

эй зи сифоти ту , зоти поки ту пайдо

«ای ز صفاتِ تو، ذاتِ پاکِ تو پیدا

Дар дил ҳар зарраи қудрати ту ҳувайдо

در دلِ هر ذره، قدرتِ تو هویدا»

Ҳар касе аз чораи дасти вай шудаи кӯтаҳ

هر کسی از چاره دستِ وی شده کوته

Сӯй ту оварда рӯй даргау бега

سویِ تو آورده روی، در گه‌و بی‌گه

Ҷумлаи туро бандагар гадо ва агар шаҳ

جمله تو را بنده، گر گدا و اگر شه

Илми ту чун қадартуз айби муназзаҳ

علمِ تو چون قدرِ تو ز عیب، منزه

Қадари ту чун илми ту зи нақс мубарро

قدرِ تو چون علمِ تو ز نقص، مبرا

Нест касеро ба канаи маърифати пай

نیست کسی را به کُنهِ معرفتت پی

Мурғи нафаси рӯзу шаб ба гуфтани ёҳӣ

مرغِ نفس روز و شب به گفتنِ «یا حیّ»

Карда ба тани ошёни қурби туро тай

کرده به تن آشیان، قربِ تو را طی

Ҷилваи ҳасани тугар натофта биравӣ

جلوهٔ حُسنِ تو گر نتافته بر وی

Рӯҳ ба зиндони гирифтаи баҳр чаҳ маъво

روح به زندان گرفته بهرِ چه مأوا؟

Махзани ақл ҳар онкӣ бошад зи гуҳари пар

مخزنِ عقلِ هر آنکه باشد ز گُهر پر

Кард ба сунъи хоеи ту тафаккур

کَرد به صنعِ خداییِ تو تفکر

Дар аҷаб Иблис шуд зи аҷабу такаббур

در عَجب ابلیس شد ز عُجب و تکبر

Дар шаб миъроҷ гуфт баҳри таҳайюр

در شبِ معراج گفت بهرِ تحیر

Одами хокии куҷоу олами боло

آدمِ خاکی کجا و عالمِ بالا

Ҳар ки ба роҳи муҳаббати ту қадам зад

هر که به راهِ محبتِ تو قدم زد

Давлати ҷовиди ҷусту иззати сармад

دولتِ جاوید جُست و عزّتِ سرمد

Кори муҷоз аз ҳақиқат ту мӯед

کارِ مَجاز از حقیقتِ تو مؤیَد

Ишқ агар аз ту нест баҳр чаҳ набӯд

عشق اگر از تو نیست، بهرِ چه نبوَد

Ҳайкали маҷнӯни ҷудои зи ҳайбати Лайло

هیکلِ مجنون جدا ز هیبتِ لیلا

Ҳар ки шуд андари ҳарими қурби ту муҳаррам

هر که شد اندر حریمِ قُربِ تو مَحرَم

Шоҳӣ ӯ шуд ба коиноти мусаллам

شاهیِ او شد به کائنات، مسلَّم

Насл банӣ одам аз ту гашти макрам

نسلِ بنی‌آدم از تو گشت مُکرَم

Гарна туро бингарад ба қолаби одам

گرنه تو را بنگرد به قالبِ آدم

Саҷда ба одам кунад малоика ? ҳошо !

سجده به آدم کنند ملائکه؟ حاشا!

Дониши кунин дар сифоти ту қосир

دانشِ کونَین در صفاتِ تو قاصر

Нест касеро ба ҷузи ту ёвару Носир

نیست کسی را به جز تو، یاور و ناصر

Буд азалро вуҷӯди тести муосир

بودِ ازل را وجودِ توست معاصر

Қасди убудийяти чаҳор аносир

قصدِ عبودیتِ چهار عناصر

Хоссаи маъбудӣ ва ту қодиру доно

خاصه معبودی و تو قادر و دانا

Қаҳри ту аҳли ғурурро шудаи нокб

قهرِ تو اهلِ غرور را شده ناکب

Меҳр ба ҷанги сипеҳри зи амри ту рокиб

مِهر به چنگِ سپهر ز امرِ تو راکب

Сайри фалакро машйати ту мрокб

سیرِ فلک را مشیتِ تو مراکب

Ҷилваи шамъи шуҳуди ҳафт кавокиб

جلوهٔ شمعِ شهودِ هفت کواکب

Шоҳиди яктоеи ту шоҳиди якто

شاهدِ یکتاییِ تو شاهدِ یکتا

Нест ба қасди ҷалолати ту расӣдан

نیست به قصدِ جلالتِ تو رسیدن

Ҳазрати ҷбрилро маҷол паридан

حضرتِ جبریل را مجالِ پریدن

Роҳи ту рафтан хушаст ва рӯй ту дидан

راهِ تو رفتن خوش است و رویِ تو دیدن

Дар шаҷар аз ҷилваи ту гоҳ баридан

در شجر از جلوهٔ تو گاهِ بُریدن

Арра хаҷал шуд зи тоқати закариё

اَرّه خجل شد ز طاقتِ زکریا

Тӯтии ширини сухани шукри шикан аз ту

طوطیِ شیرین‌سخن شکر‌شکن از تو

Булбули шайдо ба гул кунад сухан аз ту

بلبلِ شیدا به گُل کُند سخن از تو

Бўисмн аз ту атри ёсуман аз ту

بویِ سمن از تو و عطرِ یاسمن از تو

Сонеъи санъатгарӣ ки дар чаман аз ту

صانعِ صنعت‌گری که در چمن از تو

Сӯсани асвади шигифту лолаи ҳмро

سوسنِ اَسوَد شکفت و لالهٔ حمرا

Турраи сунбули зи тоби ҷаъди ту парчин

طرهٔ سنبل ز تابِ جعدِ تو پُرچین

Сӯии ту наргиси кушодаи дидаи ҳақи байн

سویِ تو نرگس گشاده، دیدهٔ حق‌بین

Рӯй шақоӣқи зи ҷоми шавқи ту рангин

رویِ شقایق ز جامِ شوقِ تو رنگین

Маънии тавҳиди тести лафзи раёҳин

معنیِ توحیدِ توست لفظِ ریاحین

Каз хати райҳон сабз мешавад ифшо

کز خطِ ریحانِ سبز می‌شود افشا

Гулшани эҷодро зи ҳукми ту равнақ

گلشنِ ایجاد را ز حکمِ تو رونق

Лола ба сайри чамани зи васли ту мулҳақ

لاله به سیرِ چمن ز وصلِ تو ملحق

Масти мудом аз шароби лаъли мрўқ

مستِ مدام از شرابِ لعلِ مروَق

Масдари асрори тести зикри ано алҳақ

مصدرِ اسرارِ توست ذکرِ انا الحق

Каз лаби Мансур ғунча мешавад иншо

کز لبِ منصور، غنچه می‌شود انشا

Наргиси Шаҳло ба тарафи боғ чу занбақ

نرگسِ شهلا به طرفِ باغ چو زنبق

Барда чу сарви сеӣ зи ҳасани ту равнақ

بُرده چو سروِ سهی ز حسنِ تو رونق

Ҳаст санои ту дар шукуфаи мФлқ

هست ثنایِ تو در شکوفه‌ی مفَلق

Аз паии таъзими тести беди муъаллақ

از پیِ تعظیمِ توست بیدِ معلق

Хам шуда дар боғи истода ба як по

خم شده در باغ ایستاده به یک پا!

Ончӣ ки мръӣ буд ба кишвари имкон

آنچه که مرئی بُوَد به کشورِ امکان

Вончаҳ ниҳонаст аз тасаввури аъён

وانچه نهان است از تصورِ اعیان

Ҷумла дар авсофи зоти тести санохон

جمله در اوصافِ ذاتِ توست ثناخوان

Аз ғами савдоӣ тест гашта парешон

از غمِ سودایِ توست گشته پریشان

Снқли оштФаҳ ҳамчун зулфи чилипо

سنبلِ آشفته همچون زلفِ چلیپا

Қалби маориф ба доғи меҳри ту мҳзн

قلبِ معارف به داغِ مُهرِ تو مخزن

Амни тҳлои тести водии эмин

امنِ تجلایِ توست وادیِ ایمن

Толиби дидори тести шайх ва бар ҳамин

طالبِ دیدارِ توست شیخ و برهمن

Дидаи ҷамоли ту ҷилвагар ки ба гулшан

دیده جمالِ تو جلوه‌گر که به گلشن

Дидҳҳирт шудааст наргиси Шаҳло

دیدهٔ حیرت شده است نرگسِ شهلا

Хотами меҳри ту меҳр карда лаби гул

خاتمِ مِهرِ تو مُهر کرده لبِ گل

Ғунча намӯда ба санъати ту тааммул

غنچه نموده به صنعتِ تو تأمل

Ғарқ ба сайлоб шабнамаст қрмФл

غرق به سیلابِ شبنم است قرنفل

Ҳасани туро мекунад ишора ба булбул

حُسنِ تو را می‌کند اشاره به بلبل

Гул ба шукри хандау шиква ба ?има

گُل به شکرخنده و شکوفه به ایما

Дайру ҳарам дар паноҳи лутфи ту омн

دیر و حرم در پناهِ لطفِ تو آمن

Арзу саморо зи ҳазрати ту мёи ман

ارض و سما را ز حضرتِ تو مأمن

Сонеъи кунину худои мҳимн

صانعِ کونَین و خدایِ مُهیمن

Айни ситоиши туе зи каъбаи муъмин

عینِ ستایش تویی ز کعبهٔ مومن

Маҳзи парастиши туе зи маъбади тарсо

محضِ پرستش تویی ز معبدِ ترسا

Файзи ту ҷонро мадад агар нарасонад

فیضِ تو جان را مدد گر نرساند

Тан ба таманнои васл рӯҳ бимонад

تن به تمنایِ وصلِ روح بماند

Дараки сафои ту мушти хок чаҳ донад

درکِ صفایِ تو مُشتِ خاک چه داند؟

Қавли туро нутқи ақли кули натавонад

قولِ تو را نطقِ عقلِ کل نتواند

Бо ҳамаи ҳикмати балои нъми вло

با همه حکمت بِلا نَعم‌و‌لا

Давлати лутфи ту беҳтар аз ҳамаи давлат

دولتِ لطفِ تو بهتر از همه دولت

Фазли ту асбоби файзи давлату миллат

فضلِ تو اسبابِ فیضِ دولت و ملت

Вои асФо назд ҳазратати зи хиҷолат

وا اسفا نزدِ حضرتت ز خجالت

Ғарқ гуноҳем дар сарочаи ғифлат

غرقِ گناهیم در سراچهٔ غفلت

Бехабар аз худ чу бодаи хори зи саҳбо

بی‌خبر از خود چو باده‌خوار ز صهبا

Ҳар чаҳ буд айбу нақс аз ҳамаи покӣ

هر چه بُوَد عیب و نقص، از همه پاکی

Айни бақои орӣ аз фаноу ҳалокӣ

عینِ بقا، عاری از فنا و هلاکی

Дар бар ту мосўӣ кам аз кафи хокӣ

در برِ تو ماسِویٰ کم از کفِ خاکی

Бо ту маҳоким кӣ аз муҳокима бокӣ

با تو مُحاکِم کی از محاکمه باکی؟

Бо ту муҳосиби худ аз ҳисоб чаҳ парво

با تو محاسب خود از حساب چه پروا؟

Ин манам он мустаманди осии ҳайрон

این منم آن مستمندِ عاصیِ حیران

Садрнишини сар бар ғифлати исён

صدرنشینِ سَریرِ غفلت و عصیان

Мунҳариф аз роҳу расми мазҳабу имон

منحرف از راه و رسمِ مذهب و ایمان

Дил ба ту машғӯл гашта нафас ба шайтон

دل به تو مشغول گشته، نفس به شیطان

Ниқи амал аз миёнаи рафта ба яғмо

نقدِ عمل از میانه رفته به یغما

Меҳри ҷони завқи бандагии зи дилами барад

مِهرِ جهان ذوقِ بندگی ز دلم برد

Шишаи ақлам ба санги ҷаҳл ҳаво хӯрд

شیشهٔ عقلم به سنگِ جهل و هوا خورد

Гашта зи софи ҳаёти қисмати мо дард

گشته ز صافِ حیات قسمتِ ما دُرد

Гар писарии зишту кӯр аз падарии мард

گر پسری زشت و کور از پدری مُرد

Гуфт чу бодом буд чашми ту зебо

گفت چو بادام بود چشمِ تو زیبا!

Қомати ҷони хам ба зери бор ғам туаст

قامتِ جان خم به زیرِ بارِ غمِ توست

Мунтазири лутфҳои дам ба дам туаст

منتظرِ لطف‌هایِ دم‌به‌دمِ توست

Бепар ва бе боли сайдӣ аз карам туаст

بی‌پر و بی‌بال صیدی از کَرمِ توست

Чун дия бо оқилааст аз карам туаст

چون دیه با عاقله است از کَرمِ توست

Додани коло ба шахси гумшудаи коло

دادنِ کالا به شخصِ گمشده‌کالا

эй ғам рӯй ту мӯниси шабу рӯзам

ای غمِ رویِ تو مونسِ شب و روزم

Нури лақои ту шамъ базм фурӯзам

نورِ لقایِ تو شمعِ بزم‌فروزم

Қаҳри ту сармӣа ризоаст ҳанузам

قهرِ تو سرمایهٔ رضا است هنوزم

Чун ту писандӣ ки ман ба ҳашар бисӯзам

چون تو پسندی که من به حشر بسوزم؟

Муддаӣон ҳар тараф кунанд тамошо

مدعیان هر طرف کنند تماشا

Ҷинату ҳури вқсўру кавсару ғулмон

جنت و حور و قصور و کوثر و غلمان

Нори ҳаҷему шарори дўўзхи сӯзон

نارِ جحیم و شرارِ دوزخِ سوزان

Дар бар ман ҳаст бо ризои ту яксон

در برِ من هست با رضایِ تو یکسان

Чун ту ризоӣ ки ман ба дӯзахи сӯзон

چون تو رضایی که من به دوزخِ سوزان

Сӯзам ҳар дам ба зери сояи тӯбо

سوزم هر دم به زیرِ سایهٔ طوبیٰ

Лоиқ ҳар кас ҳар ончии дидаи вододӣ

لایقِ هر کس هر آنچه دیده وادادی

Бар рух ҳар каси дарии зи лутфи кушодӣ

بر رخِ هر کس دری ز لطف گشادی

Аввалу охир ба ҷуз ту нест Муродӣ

اول و آخر به جز تو نیست مرادی

Гар ба таманно намерасем ва ту шодӣ

گر به تمنا نمی‌رسیم و تو شادی

Айни таманноӣ моаст тарки таманно

عینِ تمنایِ ما است ترکِ تمنا

Нест бихон карам ба ҷузи ту карӣмӣ

نیست به خوانِ کَرم به جز تو کریمی

Соҳиби эҳсони хосу лутфи ъмимӣ

صاحبِ احسانِ خاص و لطفِ عمیمی

Мбдء ашёъ маъаед арши азимӣ

مُبدءِ اشیاء و مُعیدِ عرشِ عظیمی

Розиқу раҳмонӣу рўФу раҳимӣ

رازق و رحمانی و رئوف و رحیمی

Холиқи субҳонӣу ҳакимӣу доно

خالقِ سبحانی و حکیمی و دانا

Айни камолот дар вуҷӯди ту комил

عینِ کمالات در وجودِ تو کامل

Расми худоӣ буд ба исми ту шомил

رسمِ خدایی بُوَد به اسمِ تو شامل

Бар ҳамаи каси кӯҳи кӯҳи файзи ту нозил

بر همه کَس کوهِ  فیضِ تو نازل

Ҳӣу самиъу басиру оламу одил

حی و سمیع و بصیر و عالم و عادل

Қодиру қиўму фард ва ватару тавоно

قادر و قیّوم و فرد و وِتر و توانا

( сомит ) агар бар дар ту рӯй гузорад

«صامت» اگر بر درِ تو روی گذارد

Дасти дуоеи зрўии сидқи برارد

دستِ دعایی ز رویِ صدق برآرد

Рӯзи қимати зи дидаи ашки баборад

روزِ قیامت ز دیده اشک ببارد

Ҷавҳарӣ аз сиӣот бок надорад

جوهری از سیئات باک ندارد

Гарчи Фнодаҳи зи бори мъсибт аз по

گرچه فتاده ز بارِ معصیت از پا