Чун бар башари фалаки зи азал меҳрбон набӯд

چون بر بشر فلک ز ازل مهربان نبود

Ҳаргизи нишоту хуррамии андар ҷаҳон набӯд

هرگز نشاط و خرمی اندر جهان نبود

Як бори оби хуш ба гулӯӣ касе нихт

یک بار آب خوش به گلوی کسی نیخت

Коғштаҳ ӯ ба заҳри ғами ҷон ситон набӯд

کاغشته او به زهر غم جان ستان نبود

Гаштанди авлиё ба балои мубталои ҳама

گشتند اولیا به بلا مبتلا همه

Аммо касе чу хусрави лаб ташнагон набӯд

اما کسی چو خسرو لب تشنگان نبود

Ҳобён агар зи зулм бародар ?илем шуд

هابیان اگر ز ظلم برادر الیم شد

Ҷисмаш ба хок бесару аташон тпон набӯд

جسمش به خاک بی‌سر و عطشان طپان نبود

Айюбгар ҷароҳат тан дошт бе шумор

ایوب گر جراحت تن داشت بی‌شمار

Дигар ба фикри алътш кӯдакон набӯд

دیگر به فکر العطش کودکان نبود

Бар синаи захми тиру бадали доғи Акбараш

بر سینه زخم تیر و بدل داغ اکبرش

ё паҳлуяши ҳадафи бснон синон набӯд

یا پهلویش هدف بسنان سنان نبود

Гар бўолбшр ба марги писари гашти ашкбор

گر بوالبشر به مرگ پسر گشت اشکبار

Бо дардҳои бадтар аз ин туамон набӯд

با دردهای بدتر از این توامان نبود

Юнус агар ба батн смк шуд мақом ӯ

یونس اگر به بطن سمک شد مقام او

Тири бало ба сайди таниш дар камон набӯд

تیر بلا به صید تنش در کمان نبود

Рӯзӣ ки гашти манзили Юнус ба Карбало

روزی که گشت منزل یونس به کربلا

Исмии зи зулми кӯҳ ва аз кӯфӣон набӯд

اسمی ز ظلم کوه و از کوفیان نبود

Шуд соябон ба пайкари Юнуси зи офтоб

شد سایبان به پیکر یونس ز آفتاب

Бар пайкари азизи хҳдо соябон набӯд

بر پیکر عزیز خهدا سایبان نبود

Ёқӯбро ду дидаи зи ҳиҷрони сифеди гашт

یعقوب را دو دیده ز هجران سفید گشت

Бо онкии ҳиҷри Юсуфи вай ҷовдон набӯд

با آنکه هجر یوسف وی جاودان نبود

Яҳёи шаҳиди гаштгар аз баҳри зониаҳ

یحیی شهید گشت گر از بهر زانیه

Тан дар замину теғ ба каф сорибон набӯд

تن در زمین و تیغ به کف ساربان نبود

ё рас ӯ ба нӯки синон ҷойгаҳ надошт

یا راس او به نوک سنان جایگه نداشت

ё дар танури хўлии дун миҳмон набӯд

یا در تنور خولی دون میهمان نبود

Шуд зеби таштгар сари иҳёӣ бе гуноҳ

شد زیب طشت گر سر یحیای بی‌گناه

Дигари кабӯд аз задан хайзарон набӯд

دیگر کبود از زدن خیزران نبود

( сомит ) ба ҳар куҷо ки намӯд ин азои бпо

(صامت) به هر کجا که نمود این عزا بپا

Як дил намонад каз асараши хӯн равон набӯд

یک دل نماند کز اثرش خون روان نبود