Манам ки дил накунам соъатии зи меҳри ту сард

منم که دل نکنم ساعتی ز مهر تو سرد

зи ёд ту набум фард агар буми зи ту фард

ز یاد تو نبوم فرد اگر بوم ز تو فرد

Агар замона надорад турои мусоиди ман

اگر زمانه ندارد ترا مساعد من

Замонаро ва туро кӣ тавон мусоид кард

زمانه‌را و تو را کی توان مساعد کرد

Ҷузи онкӣ қибла кунам сӯрати хаёли туро

جز آنکه قبله کنم صورت خیال ترا

Ҳамеи гузорам бо оби чашм ва бо рухи зард

همی گذارم با آب چشم و با رخ زرد

Ҳамаи дареғу ҳамаи дарди ман зи тесту зи ту

همه دریغ و همه درد من ز تست و ز تو

Ба боди ту гарм ва ба боди сарди ту сард

به باد تو گرم و به باد سرد تو سرد

Ман он касам ки марои олимии пар аз хасманд

من آن کسم که مرا عالمی پر از خصمند

Ҳамеи броим бо олимӣ ба ҷангу набард

همی برآیم با عالمی به جنگ و نبرد

Гар аз ту оҷизами ин ҳолро чигуна кунам

گر از تو عاجزم این حال را چگونه کنم

Ба пеши хасмони мардум ба пеши ишқ на мард

به پیش خصمان مردم به پیش عشق نه مرد

Равону ҷонӣу маҳҷӯри ман зи ҷону равон

روان و جانی و مهجور من ز جان و روان

Ба як дили андари зин бештар набошад дард

به یک دل اندر زین بیشتر نباشد درد

Агар ҷаҳони ҳама бар фарқи ман фурӯд ояд

اگر جهان همه بر فرق من فرود آید

Ба ним зарра наёяд ба рӯй ман баргард

به نیم ذره نیاید به روی من برگرد

Дареғами онкӣ ба фасли баҳору лолау гул

دریغم آنکه به فصل بهار و لاله و گل

Ба ёд рӯй ту дарду дареғ бояд хӯрд

به یاد روی تو درد و دریغ باید خورد

Хониш
шморҳ 103 — ъндлӣб