Аз ҳар чаҳ гумони баради дилами ёр на он буд

از هر چه گمان برد دلم یار نه آن بود

Пиндори бади он ишқу яқини ҷумлаи гумон буд

پندار بد آن عشق و یقین جمله گمان بود

Он нози такаллуфи бад ва он меҳри фусун буд

آن ناز تکلف بد و آن مهر فسون بود

Ваон ишқи маҷозии бад ва он суди зиён буд

وان عشق مجازی بد و آن سود زیان بود

Бар рӯй рақам шуд шарарӣ каз дил ва ҷон тофт

بر روی رقم شد شرری کز دل و جان تافت

Ва зи дида бурун омад дардӣ ки ниҳон буд

و ز دیده برون آمد دردی که نهان بود

Тавҳиди ман он зулфи бшўлидаҳ ӯ буд

توحید من آن زلف بشولیدهٔ او بود

Имони ман он рӯй чу хуршеди ҷаҳон буд

ایمان من آن روی چو خورشید جهان بود

Рӯе ки рақам буд бирав давлати ислом

رویی که رقم بود برو دولت اسلام

Зулфӣ ки дарави муртадӣу куфри нишон буд

زلفی که درو مرتدی و کفر نشان بود

Бинмуд руху рӯм ба як бори бшўрид

بنمود رخ و روم به یک بار بشورید

Ойини буту бутгарӣ аз дидан он буд

آیین بت و بتگری از دیدن آن بود

Пас зулф барафшонаду ҷаҳон куфр прагаанд

پس زلف برافشاند و جهان کفر پراگند

Алҳақ зи чунон зулф мусулмон натавон буд

الحق ز چنان زلف مسلمان نتوان بود

Кӯе ки дарави пои азизони ҳамаи сар буд

کویی که درو پای عزیزان همه سر بود

Роҳӣ ки даров васли накӯёни ҳамаи ҷон буд

راهی که دراو وصل نکویان همه جان بود

Аз хӯни ҷигари сайли вази дили пораи дарави хок

از خون جگر سیل وز دل پاره درو خاک

Манзилгаҳаш аз оташи сӯзони дмон буд

منزلگهش از آتش سوزان دمان بود

Баси ҷони азизон ки дар он роҳ фано шуд

بس جان عزیزان که در آن راه فنا شد

Гӯру лаҳади онҷои даҳани шери жён буд

گور و لحد آنجا دهن شیر ژیان بود

Чун каъбаи омол падед омад аз давр

چون کعبهٔ آمال پدید آمد از دور

Гуфтанд раседем сари раҳ бар он буд

گفتند رسیدیم سر ره بر آن بود

Бар даргаи ту хору зи дидори ту навмед

بر درگه تو خوار و ز دیدار تو نومید

Бар хок нишастанд ки ифлоси баён буд

بر خاک نشستند که افلاس بیان بود

Беруни з хаёлӣ набад онҷо ки назар буд

بیرون ز خیالی نبد آنجا که نظر بود

Афзӯни з ҳадисӣ набад онҷо ки гумон буд

افزون ز حدیثی نبد آنجا که گمان بود

Хониш
шморҳ 133 — ъндлӣб