Рӯи рӯ ки дил аз меҳри ту бад аҳд гусастем

رو رو که دل از مهر تو بد عهد گسستیم

Вази доми ҳавоӣ ту биҷустему брстим

وز دام هوای تو بجستیم و برستیم

Чунон ки ту аз суҳбати мо сайри шдстӣ

چونان که تو از صحبت ما سیر شدستی

Мо низ ҳам аз суҳбати ту сайри шдстим

ما نیز هم از صحبت تو سیر شدستیم

Аз туфи дилу оташи ишқати брҳидим

از تفّ دل و آتش عشقت برهیدیم

Дар сояи девор сабурӣ бинишастем

در سایهٔ دیوار صبوری بنشستیم

Вар зон ки ту дили барадии мо низ ббрдим

ور زان که تو دل بردی ما نیز ببردیم

Вар зон ки ту нгшодии мо низ бибастем

ور زان که تو نگشادی ما نیز ببستیم

Аз ишваи ишқ ту биҷустем яке дам

از عشوهٔ عشق تو بجستیم یکی دم

Вази хори хумори ту ҳамаи сола чу мастем

وز خار خمار تو همه ساله چو مستیم

Шабҳои фироқ ту надидем ниҳоят

شبهای فراق تو ندیدیم نهایت

Аз рӯзи висоли ту магари бод ба дастем

از روز وصال تو مگر باد به دستیم

Гар ҳеҷ зафар ёбем эй мояи шодӣ

گر هیچ ظفر یابیم ای مایهٔ شادی

Дар хоби хаёли ту ба ҷуз он напарастем

در خواب خیال تو به جز آن نپرستیم

Чунон ки ту бибаредӣ мо низ буридем

چونان که تو ببریدی ما نیز بریدیم

Чунон ки ту бишикастӣ мо низ шикастем

چونان که تو بشکستی ما نیز شکستیم

Зин беш нахоҳам ки кунӣ ёди сенае

زین بیش نخواهم که کنی یاد سنایی

Бо мот чикораст чунонем ки ҳастем

با مات چکارست چنانیم که هستیم

Хониш
шморҳ 279 — ъндлӣб