эй чун ту надидаи ҷами охир чаҳ ҷамоласт ин

ای چون تو ندیده جم آخر چه جمالست این

Вай чун ту ба олам кам охир чаҳ камоласт ин

وی چون تو به عالم کم آخر چه کمالست این

Ту бо ман ва ман пӯён ҳар ҷои турои ҷӯён

تو با من و من پویان هر جای ترا جویان

эй шамъи нкўрўёни охир чаҳ висоласт ин

ای شمع نکورویان آخر چه وصالست این

Зон гулбуни инсонӣ ҳар дами гулии афшонӣ

زان گلبن انسانی هر دم گلی افشانی

эй миваи рӯҳонии охир чаҳ ниҳоласт ин

ای میوهٔ روحانی آخر چه نهالست این

Дар васфи ту ақлу ҷон чун ман шудаи саргардон

در وصف تو عقل و جان چون من شده سرگردان

эй ваҳми зи ту ҳайрони охир чаҳ ҷамоласт ин

ای وهم ز تو حیران آخر چه جمالست این

Гуфтӣ ки чу ман дилбари дории вази ман беҳтар

گفتی که چو من دلبر داری وز من بهتر

эй ҷодӯии сӯратгар охир чаҳ хаёласт ин

ای جادوی صورت گر آخر چه خیالست این

эй аз паии доғи мо ороиши боғи мо

ای از پی داغ ما آرایش باغ ما

эй чашму чароғи мо охир чаҳ мисоласт ин

ای چشم و چراغ ما آخر چه مثالست این

Ҳар рӯзи нпўиии ту ҷуз ишқ наҷӯӣ ту

هر روز نپویی تو جز عشق نجویی تو

эй моҳи никуии ту охир чаҳ хисоласт ин

ای ماه نکویی تو آخر چه خصالست این

Ҳар рӯзи маро нармак бикашӣ ту ба озрмк

هر روز مرا نرمک بکشی تو به آزرمک

эй шўхк бе шрмки охир чаҳ ваболаст ин

ای شوخک بی‌شرمک آخر چه وبالست این

Пурсӣ : чу манӣ дилбари бинии ту ба олам дар

پرسی: چو منی دلبر بینی تو به عالم در

эй моҳи накӯи манзари охир чаҳ суоласт ин

ای ماه نکو منظر آخر چه سوالست این

Моро на бад-ӣни сустии зин беш ҳамеи ҷустӣ

ما را نه بدین سستی زین بیش همی جستی

эй хаста аз он хстии охир чаҳ малоласт ин

ای خسته از آن خستی آخر چه ملالست این

Гуфтӣ ҳамаи ҷо бо ту васласт маро бо ту

گفتی همه جا با تو وصلست مرا با تو

эй бе худ ва бо мо ту охир чаҳ даллоласт ин

ای بی خود و با ما تو آخر چه دلالست این

Гуфтӣ ки сенае худ дорему азу ба сад

گفتی که سنایی خود داریم و ازو به صد

эй ноқиди неку бади охир чаҳ маҳоласт ин

ای ناقد نیک و بد آخر چه محالست این