эй пайки ошиқон гузарӣ кун ба боми дӯст

ای پیک عاشقان گذری کن به بام دوست

Баргарди бандаи вор ба гирди мақоми дӯст

برگرد بنده‌وار به گرد مقام دوست

Гирди сарои дӯст тавофӣ кун ва бибин

گرد سرای دوست طوافی کن و ببین

Он бору борномаҳ ва он эҳтишоми дӯст

آن بار و بارنامه و آن احتشام دوست

Хоҳӣ ки нархи машк шикаста шавад ба чин

خواهی که نرخ مشک شکسته شود به چین

Бар зан ба зулфи пари шикани мшкФоми дӯст

بر زن به زلف پر شکن مشکفام دوست

Бархест ихтиёру тасарруфи зи феъли мо

برخاست اختیار و تصرف ز فعل ما

Чун кам задем хештан аз баҳри коми дӯст

چون کم زدیم خویشتن از بهر کام دوست

Хоҳӣ ки бори анбари бандии ту аз сарахс

خواهی که بار عنبر بندی تو از سرخس

Зонҷо меар ҳеҷ хабари ҷузи паёми дӯст

زآنجا میار هیچ خبر جز پیام دوست

Хоҳӣ ки корвони саломат буд туро

خواهی که کاروان سلامت بود ترا

Ҳамроҳ хеш кун ба сӯии мо саломи дӯст

همراه خویش کن به سوی ما سلام دوست

Бар донаҳои гавҳар ӯ ошиқии мбоз

بر دانه‌های گوهر او عاشقی مباز

То ҳамчуи ман нижанд наМонӣ ба доми дӯст

تا همچو من نژند نمانی به دام دوست

Бо худ биор хоки сари кӯй ӯ ба ман

با خود بیار خاک سر کوی او به من

То бар сараши нуҳум ба азизӣ чу номи дӯст

تا بر سرش نهم به عزیزی چو نام دوست

Бино мабод чашми ман ар сӯии чашми ман

بینا مباد چشم من ار سوی چشم من

Беҳтари з тўтё набӯд гирди гоми дӯст

بهتر ز توتیا نبود گَرد گام دوست

Гар дӯстро ба ғурбати ман хуш буд ҳаме

گر دوست را به غربت من خوش بود همی

эй ман раҳеи ғурбат вае ман ғуломи дӯст

ای من رهی غربت و ای من غلام دوست

Аз молу ҷону дайни мар ар ком ҷӯяд ӯ

از مال و جان و دین مر ار کام جوید او

Бе коми бодам ар кунам он ҷуз ба коми дӯст

بی کام بادم ار کنم آن جز به کام دوست

Хониш
шморҳ 47 — ъндлӣб