эй ҷони ҷаҳони кибри ту ҳар рӯз фузунаст

ای جان جهان! کبر تو هر روز فزون‌ست

Лекин чаҳ тавон кард ки вақт ту кунунаст

لیکن چه توان کرد؟ که وقت تو کنون‌ست

Нашигифт агар кибри ту ҳаргиз нашавад кам

نشگفت اگر کبر تو هرگز نشود کم

Чун хӯбии дидори ту ҳар рӯз фузунаст

چون خوبی دیدار تو هر روز فزون‌ست

Олами зи ҷамоли ту пуровоза шуд имрӯз

عالم ز جمال تو پرآوازه شد امروز

Зеро ки ҷамоли ту з андоза бурунаст

زیرا که جمال تو ز اندازه برون‌ست

Дар зулфи ту тобу гиреҳу банд ва шиканҷаст

در زلف تو، تاب و گره و بند و شکنج‌ست

Дар чашми ту макру ҳиялу зарқ ва фусунаст

در چشم تو، مکر و حیل و زرق و فسون‌ست

То ман рух чун чашмаи хуршед ту дидам

تا من رخ چون چشمهٔ خورشید تو دیدم

Чашмами зи ғами ишқи ту чун чашма хӯнаст

چشمم ز غم عشق تو چون چشمهٔ خون‌ست

эй рафтаи зи наздики сенае хабарат ҳаст

ای رفته ز نزدیک سنایی خبرت هست

Каз ишқи ту ҳоли ман дил сӯхта чунаст

کز عشق تو حال من دل سوخته چون‌ست؟

Аз меҳри ту чун нуқта хӯнаст дилам зонк

از مهر تو چون نقطهٔ خون‌ست دلم زآنک

Бар моҳи турои доира ғолия гаванаст

بر ماه تو را دایرهٔ غالیه گون‌ست

Хониш
шморҳ 46 — ъндлӣб