Розӣ ки сари зулфи ту бо бод бигуфт
رازی که سر زلف تو با باد بگفت
Худ бод куҷо тавонад он роз наҳуфт
خود باد کجا تواند آن راز نهفت
Як раҳ ки сари зулфи турои боди бсФт
یک ره که سر زلف ترا باد بسفت
Баси гул ки зи дасти бод мебояд рафт
بس گل که ز دست باد میباید رفت