Бар сафҳаи рухсори ту онкас ки назар кард
بر صفحه رخسار تو آنکس که نظر کرد
Хати ту чу аъроби дилаши зер ва зибр кард
خط تو چو اعراب دلش زیر و زبر کرد
Онро ки дамии дидаи дили гашти кушода
آنرا که دمی دیده دل گشت گشاده
Чашм аз ҳама дар баст ва биравӣ ту назар кард
چشم از همه در بست و بروی تو نظر کرد
Моро камари ту зи миёни ту нишон дод
ما را کمر تو ز میان تو نشان داد
Моро сухани ту зи даҳони ту хабар кард
ما را سخن تو ز دهان تو خبر کرد
Хбози машйати намак аз рӯй ту дархост
خباز مشیت نمک از روی تو درخواست
Аз баҳри фатирӣ ки азуи қурс қамар кард
از بهر فطیری که ازو قرص قمر کرد
Чун сӯрати ту маънии сад ранг надидам
چون صورت تو معنی صد رنگ ندیدم
То дидаи маънӣами тамошоӣ сувар кард
تا دیده معنیم تماشای صور کرد
Бо Юсуф агар чанд фурӯ рафт маи ҳасан
با یوسف اگر چند فرو رفت مه حسن
Хуршед шуду сари зи гиребони ту бар кард
خورشید شد و سر ز گریبان تو بر کرد
Дар кӯии ту моро набӯд ҷои иқомат
در کوی تو ما را نبود جای اقامت
Вон фанад накардӣ ки тавонем сафар кард
وآن فند نکردی که توانیم سفر کرد
Чндонкаҳи тавонам ман гирёни зи фироқат
چندانکه توانم من گریان ز فراقت
Зони лаб ки бики хандаи ҷаҳони пари з шукр кард
زآن لب که بیک خنده جهان پر ز شکر کرد
Бӯсии хўҳм ва гар надиҳӣ боз ниёем
بوسی خوهم و گر ندهی باز نیایم
Зини кдиаҳ ки кори ман дарвеш чу зар кард
زین کدیه که کار من درویش چو زر کرد
Бо бандаи чунон нестӣ эй дӯст ки будӣ
با بنده چنان نیستی ای دوست که بودی
Пайдост ки дар ту сухани душман асар кард
پیداست که در تو سخن دشمن اثر کرد
Дар ҳасрати васли ту дил сӯхта бигирист
در حسرت وصل تو دل سوخته بگریست
Обаш чу кам омад мададаши хӯн ҷигар кард
آبش چو کم آمد مددش خون جگر کرد
Зини кор халосӣ натавон ёфт бтдбир
زین کار خلاصی نتوان یافت بتدبیر
Зин сайл бикуштӣ натавонем гузар кард
زین سیل بکشتی نتوانیم گذر کرد
Дар хўобгаҳи васли ту як рӯзи нхсбд
در خوابگه وصل تو یک روز نخسبد
Ошиқ ки шабӣ дар ғами ҳиҷронат саҳар кард
عاشق که شبی در غم هجرانت سحر کرد
Ҳаргизи ман ва ту ҳар ду бад-ӣн ҳол набудем
هرگز من و تو هر دو بدین حال نبودیم
Ҳасани ту турои шаклу марои шева дигар кард
حسن تو ترا شکل و مرا شیوه دگر کرد
Лаълаши бсхни сайфи турои шод басӣ дошт
لعلش بسخن سیف ترا شاد بسی داشت
Тӯтии лабаши парвариши ту бшкр кард
طوطی لبش پرورش تو بشکر کرد
Сайфи ин ҳамаи ашъор на худ гуфт агар гуфт
سیف این همه اشعار نه خود گفت اگر گفت
Масти ин ҳамаи ғавғо ( на ) бахуд кард агар кард
مست این همه غوغا (نه) بخود کرد اگر کرد
Аз ваъдаи васли ту дилам чун нашавад шод
از وعده وصل تو دلم چون نشود شاد
Гӯйанд буд миваи зи шохӣ ки заҳр кард
گویند بود میوه ز شاخی که زهر کرد