Аз ҷамоли ту магар нест хабари султон ро

از جمال تو مگر نیست خبر سلطان را

Ки сӯии сӯрат маликаст назари султон ро

که سوی صورت ملک است نظر سلطان را

Бандагии ту зи шуғли ду ҷаҳони озодии сет

بندگی تو ز شغل دو جهان آزادی‌ست

Зини чунин мамлакатӣ нест хабари султон ро

زین چنین مملکتی نیست خبر سلطان را

Нагзарад аз сари кӯии ту чу ман гар уфтад

نگذرد از سر کوی تو چو من گر افتد

Бар сари кӯии ту як рӯзи гузари султон ро

بر سر کوی تو یک روز گذر سلطان را

Бо чунин зулф чу занҷир аҷаб набӯд агар

با چنین زلف چو زنجیر عجب نبود اگر

Ҳалқа дар гӯш кунад ишқи ту мари султон ро

حلقه در گوش کند عشق تو مر سلطان را

Каллаи давлат доим диҳад ва баргирад

کله دولت دایم دهد و برگیرد

Камари хизмати ту тоҷи зи сари султон ро

کمر خدمت تو تاج ز سر سلطان را

Шоҳи ҳасани ту ки иқтоъи даҳ моҳ ва хур аст

شاه حسن تو که اقطاع ده ماه و خور است

Надиҳади нони ғуломии ту ҳар султон ро

ندهد نان غلامی تو هر سلطان را

Ғами ишқи ту чу занбӯри асал неш занад

غم عشق تو چو زنبور عسل نیش زند

Бар дили хаста аз он танги шукри султон ро

بر دل خسته از آن تنگ شکر سلطان را

Бо чунин манъаи ҳиҷрон ки ту дории ҳаргиз

با چنین منعه هجران که تو داری هرگز

Бо ту мумкин набӯд васли магари султон ро

با تو ممکن نبود وصل مگر سلطان را

Ҷой онаст ки бо чун ту писари дрбозд

جای آنست که با چون تو پسر دربازد

Онч мирос бимонад зи падари султон ро

آنچ میراث بماند ز پدر سلطان را

Тири мижгони ту чун ҳаст дар ашкстни хасм

تیر مژگان تو چون هست در اشکستن خصم

Ҳоҷатӣ нест ба таъӣду зафари султон ро

حاجتی نیست به تأیید و ظفر سلطان را

Сайфи фарғонӣ аз баҳр ту мегуяд шеър

سیف فرغانی از بهر تو می‌گوید شعر

Коҳтёҷ аз ҳама бешаст ба зари султон ро

کاحتیاج از همه بیش است به زر سلطان را