Дигар гуфтӣ мусофир кист дар роҳ
دگر گفتی مسافر کیست در راه
Касе кӯ шуд зи асли хеши огоҳ
کسی کو شد ز اصلِ خویش آگاه
Мусофири он буд кӯ бугзарад зуд
مسافر آن بود کو بگذرد زود
зи худ софӣ шавад чун оташ аз дӯд
ز خود صافی شود چون آتش از دود
Сулӯкаши сайри кашфии дони зи имкон
سلوکش سیرِ کشفی دان ز امکان
Сӯии воҷиб ба тарки шину нуқсон
سوی واجب به ترکِ شَیْن و نقصان
Бъкси сайри аввал дар манозил
بعکسِ سیرِ اوّل در منازل
Равад то гардад ӯ инсони комил
رود تا گردد او انسانِ کامل
Хониш