Агар хуршед бар як ҳол будӣ
اگر خورشید بر یک حال بودی
Шуъоъ ӯ ба як минвол будӣ
شعاعِ او به یک منوال بودی
Надонистӣ касе кин партав ӯст
ندانستی کسی کین پرتو اوست
Набӯдӣ ҳеҷ фарқ аз мағз то пӯст
نبودی هیچ فرق از مغز تا پوست
Ҷаҳони ҷумлаи фурӯғи нури ҳақи дон
جهان جمله فروغِ نورِ حق دان
Ҳақи андари ваии з пайдоеаст пинҳон
حق اندر وی ز پیدایی است پنهان
Чу нур ҳақ надорад нақлу таҳвил
چو نورِ حق ندارد نقل و تحویل
Наёбади зот ӯ тағйиру табдил
نیابد ذاتِ او تغییر و تبدیل
Ту пиндории ҷаҳон худ ҳаст доим
تو پنداری جهان خود هست دائم
Ба зоти хештани пайвастаи қоим
به ذاتِ خویشتن پیوسته قائم
Касе кӯи ақл дурандеш дорад
کسی کاو عقلِ دوراندیش دارد
Басии саргаштагӣ дар пеш дорад
بسی سرگشتگی در پیش دارد
зи дурандешии ақли фузулӣ
ز دوراندیشیِ عقلِ فضولی
Яке шуд фалсафӣ , дигари ҳулӯлӣ
یکی شد فلسفی، دیگر حلولی
Хирадро нест тоби нури он рӯй
خرد را نیست تابِ نورِ آن روی
Бирав аз баҳр ӯ чашмӣ дигар ҷӯй
برو از بهرِ او چشمی دگر جوی
Ду чашми фалсафӣ чун буд аҳвал
دو چشمِ فلسفی چون بود اَحْوَل
зи ваҳдат дидан ҳақ шуд маъаттал
ز وحدت دیدنِ حق شد معطّل
з нобиноӣӣ омад раъии ташбеҳ
ز نابینایی آمد رایِ تشبیه
зи як чашмӣаст идрокоти тнзиаҳ
ز یکچشمی است ادراکات تنزیه
Таносух зон ҷиҳат шуд куфру ботил
تناسخ زان جهت شد کفر و باطل
Ки он аз танги чашмии гашти ҳосил
که آن از تنگچشمی گشت حاصل
Чу акмаҳ бенасиб аз ҳар камол аст
چو اَکمه بینصیب از هر کمال است
Касе кӯро тариқ эътизол аст
کسی کاو را طریقِ اعتزال است
Ромад дорад ду чашми аҳли зоҳир
رَمَد دارد دو چشمِ اهلِ ظاهر
Ки аз зоҳир набинад ҷузи мазоҳир
که از ظاهر نبیند جز مظاهر
Каломӣ кӯ надорад завқи тавҳид
کلامی کاو ندارد ذوقِ توحید
Ба торикӣ дараст аз ғими тақлид
به تاریکی در است از غَیْمِ تقلید
Дар ӯ ҳарч он бигуфтанд аз кам ва беш
در او هرچ آن بگفتند از کم و بیش
Нишоне додаанд аз дидаи хеш
نشانی دادهاند از دیدهٔ خویش
Муназзаҳи зотш аз чанд ва чаҳ ва чун
منزّه ذاتش از چند و چه و چون
« тъолиٰ » шона « ъмои иқўлўн »
«تَعالیٰ» شَانُهُ «عَمّا یَقولون»