Шуд хоки роҳи ин сар савдо навишт мо
شد خاک راه این سر سودا نوشت ما
Ин шуд магари зи рӯзи азали сарнавишти мо
این شد مگر ز روز ازل سرنوشت ما
Аз кӯии дӯсти мо сӯии ҷинат чаро рӯем
از کوی دوست ما سوی جنت چرا رویم
Ризвони ҳасади баради зи Наиму биҳишти мо
رضوان حسد برد ز نعیم و بهشت ما
Тухми амл ки дил ба ҳавои ту кушта буд
تخم اَمَل که دل به هوای تو کشته بود
Ҷузи донаҳои ашк наёяд зи кишти мо
جز دانههای اشک نیاید ز کشت ما
Вари барда чун муҳаррики ҷамъи сувар яке аст
ور برده چون محرک جمع صور یکی است
Бингар муҳаррик ва мангар хубу зишти мо
بنگر محرک و منگر خوب و زشت ما
Мақсӯди шоҳидӣ чу туе ҳар куҷо ки ҳаст
مقصود شاهدی چو تویی هر کجا که هست
Дигар нагуфт масҷиди мо ё кунишати мо
دیگر نگفت مسجد ما یا کنشت ما